प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 'श्रृंगी ऋषि धाम' जाने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों की मुश्किलें सावन की पहली सोमवारी के बाद से ही लगातार बढ़ती जा रही हैं. सूर्यगढ़ा व चानन प्रखंड के बन्नू बगीचा, आदर्श मध्य विद्यालय, मोरवे डैम और तेतरिया गांव होते हुए श्रृंगी ऋषि धाम जाने वाली मुख्य सड़क भीषण बारिश के कारण पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है. प्रशासनिक दावों के बावजूद सड़क की मरम्मत न कराए जाने से स्थानीय ग्रामीणों और बाहरी श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है.
घुटने भर कीचड़ में फंस रहे दोपहिया व तीनपहिया वाहन
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बताया कि मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर घुटने भर कीचड़ जम गया है:
- मदद के भरोसे यात्रा: दोपहिया (मोटरसाइकिल) और तीनपहिया (ऑटो/टोटो) वाहनों का इस रास्ते से गुजरना पूरी तरह दूभर हो गया है. कीचड़ में फंसी गाड़ियों को ग्रामीणों की मदद से खींचकर बाहर निकाला जा रहा है.
- रास्ता भटक रहे श्रद्धालु: जानकारी के अभाव में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु तेतरिया-सिंघौल गांव के रास्ते धाम की ओर बढ़ तो रहे हैं, लेकिन आगे रास्ता पूरी तरह ठप मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में वापस लौटना पड़ रहा है. संकरे और दलदली रास्ते में गाड़ियां मोड़ने में भी हादसों की आशंका बनी हुई है.
प्रशासनिक दावों की खुली पोल
सावन माह की शुरुआत और पहली सोमवारी से पूर्व जिला प्रशासन ने दावा किया था कि श्रृंगी ऋषि धाम आने वाले शिवभक्तों और कांवरियों के आवागमन के लिए सभी सुगम व्यवस्थाएं की जाएंगी. लेकिन धरातल पर स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक सड़क पर रोड़ा या छाई डालने तक का कार्य नहीं कराया गया है.
ग्रामीणों और शिवभक्तों ने की अविलंब मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार अंचल और जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली गई है. सावन के आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और अधिक बढ़ेगी. ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने लखीसराय जिला प्रशासन से अविलंब ईंट-सोमड़ा और मिट्टी-गिट्टी डालकर रास्ते को समतल और आवागमन योग्य बनाने की जोरदार मांग की है.
