लखीसराय सदर अस्पताल में अत्याधुनिक 4 बेड वाले ICU का शुभारंभ: अब नहीं होगी रेफर की मजबूरी, गंभीर मरीजों को मिलेगा नया जीवन

लखीसराय जिले को मिली बड़ी स्वास्थ्य सौगात, सदर अस्पताल परिसर में 4 बेड वाले अत्याधुनिक ICU का शुभारंभ किया गया है. अब गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ इलाज मिलेगा और रेफर की मजबूरी खत्म होगी.

लखीसराय जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में बुधवार का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ. जिलावासियों को बेहतर और त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर में 4 बेड वाले अत्याधुनिक आईसीयू (ICU - Intensive Care Unit) का विधिवत शुभारंभ किया गया. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर इस आधुनिक आईसीयू का उद्घाटन किया.

वीसी के जरिए हुआ राज्यव्यापी उद्घाटन

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में नवनिर्मित आईसीयू सुविधाओं का एक साथ शुभारंभ किया, जिसमें लखीसराय जिला भी शामिल रहा.

समारोह में एडीएम नीरज कुमारी, डीडीसी सुमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. कुमार अमित सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. उद्घाटन के पश्चात अधिकारियों ने पूरे आईसीयू वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

अब नहीं होगी पटना-भागलपुर रेफर करने की मजबूरी

सदर अस्पताल में अब तक आईसीयू की सुविधा न होने से गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था:

  • समय पर मिलेगा इलाज: हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, भीषण सड़क हादसा, सांस लेने में गंभीर तकलीफ, जहर (Poisoning) और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसे क्रिटिकल मामलों में मरीजों को मजबूरी में पटना, दरभंगा या भागलपुर रेफर करना पड़ता था.
  • बचेगी कीमती जान: रास्ते में समय बर्बाद होने से कई बार मरीज दम तोड़ देते थे. अब जिले में ही आईसीयू चालू होने से मरीजों को समय पर विशेषज्ञ निगरानी और जीवनरक्षक इलाज (Life Support) मिल सकेगा.
  • आर्थिक बोझ से राहत: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अब निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर होने वाले भारी-भरकम खर्च से भी बड़ी राहत मिलेगी.

आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से पूरी तरह लैस

अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस नये आईसीयू को उच्च स्तरीय मानकों के आधार पर तैयार किया गया है:

  • प्रमुख उपकरण: वेंटिलेटर (Ventilator), मल्टी-पैरा मॉनिटर (Multi-para Monitor), सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन (Central Oxygen Pipeline), सक्शन मशीन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम.
  • 24 घंटे मानव बल: मरीजों की चौबीसों घंटे देखभाल के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की शिफ्टवार तैनाती की गई है. आपातकालीन दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है.

"स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती": DM शैलेंद्र कुमार

समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने कहा:

"सदर अस्पताल में आईसीयू की शुरुआत से जिले की स्वास्थ्य संरचना को काफी मजबूती मिलेगी. सरकार का मुख्य ध्येय यही है कि हर नागरिक को उसके अपने जिले में ही सर्वोत्तम और आधुनिक इलाज मिले. उपकरणों के नियमित रखरखाव और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं." : डीएम शैलेंद्र कुमार
"आईसीयू के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अस्पताल का आपातकालीन विभाग हर तरह की क्रिटिकल स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहेगा." : सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह


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