लखीसराय. राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देशानुसार जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार नियोजन के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 7 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक मिशन परिवार विकास अभियान चलाया जायेगा. अभियान के माध्यम से योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी देने के साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करायी जायेंगी.
1 सितंबर को पटना में होगी उन्मुखीकरण कार्यशाला
सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि अभियान की पूर्व तैयारियों और बेहतर क्रियान्वयन के लिए 1 सितंबर को सुबह 10 बजे राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, पटना के सभागार में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गयी है.
कार्यशाला की अध्यक्षता राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक एवं अपर कार्यपालक निदेशक करेंगे. राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, परिवार कल्याण डॉ सरिता द्वारा जारी निर्देश के आलोक में लखीसराय जिला स्वास्थ्य समिति के संबंधित पदाधिकारियों को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया गया है.
दो चरणों में संचालित होगा अभियान
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान को दो चरणों में संचालित किया जायेगा. पहले चरण में दंपत्तियों से संपर्क कर जागरूकता बढ़ाई जायेगी, जबकि दूसरे चरण में स्वास्थ्य संस्थानों पर परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी.
7 से 13 सितंबर तक चलेगा दंपत्ति संपर्क सप्ताह
अभियान के पहले चरण में 7 से 13 सितंबर तक दंपत्ति संपर्क सप्ताह चलाया जायेगा. इस दौरान आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर योग्य दंपत्तियों से संपर्क स्थापित करेंगे. स्वास्थ्यकर्मी लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों, उनके उपयोग तथा छोटे परिवार से होने वाले सामाजिक और आर्थिक लाभों के बारे में जानकारी देंगे. साथ ही परिवार नियोजन को लेकर लोगों के बीच मौजूद भ्रम और शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया जायेगा.
14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवारा
अभियान के दूसरे चरण में 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवारा आयोजित किया जायेगा. इस दौरान जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जायेंगी. सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्थायी एवं अस्थायी परिवार नियोजन साधनों की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी. इसमें नसबंदी और बंध्याकरण जैसी स्थायी सेवाओं के साथ कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां और इंजेक्शन सहित अन्य अस्थायी साधनों के संबंध में परामर्श और सेवाएं दी जायेंगी.
आशा और जीविका कम्युनिटी मोबलाइजर करेंगे जागरूक
डीसीएम आशुतोष सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, योग्य दंपत्तियों को उचित परामर्श देना और उनके भ्रम को दूर करना है.
उन्होंने बताया कि समुदाय स्तर पर आशा कार्यकर्ता और जीविका के कम्युनिटी मोबलाइजर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करेंगे. अभियान के दौरान शादी की उचित उम्र, विवाह के बाद पहले बच्चे की योजना में पर्याप्त अंतर रखने तथा बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखने के संबंध में भी लोगों को जानकारी दी जायेगी.
जनसंख्या स्थिरीकरण के साथ मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर भी रहेगा फोकस
अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जायेगा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या स्थिरीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य योग्य दंपत्तियों तक परिवार नियोजन की जानकारी और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि वे सही जानकारी और अपनी आवश्यकता के अनुसार उचित निर्णय ले सकें.
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