मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 59वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया

नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में सोमवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 59वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया.

बड़हिया. नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में सोमवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 59वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया. मौके पर मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की तस्वीर के समक्ष सभी भाई-बहन ने दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी. फिर मम्मा को भोग स्वीकार कराया गया. मौके पर बीके रोशनी बहन ने कहा कि मम्मा सर्व गुणों की खान और मानवीय मूल्यों की विशेषताओं से संपन्न थीं. मम्मा बहुत कम बोलती थीं और दूसरों को भी कम बोलने का इशारा करती थीं. अधिक बोलने से हमारी शक्ति नष्ट हो जाती है, ऐसा मम्मा का कहना था. इस प्रकार अपने ज्ञान, योग, पवित्रता के बल से विश्व की सेवा करते हुए मम्मा-सरस्वती ने 1965 में इसी दिन अंतिम सांस ली. उनकी जीवन गाथा पर प्रकाश डालते हुए बीके रीना बहन ने कहा कि जब-जब संसार में दिव्यता की कमी, धर्म की ग्लानि, समाज में अन्याय, अत्याचार, चरित्र में गिरावट व विश्व में अशांति के बीज पनपने लगते हैं, तब-तब इन समस्त बुराइयों को समाप्त करने के लिए किसी महान विभूति का जन्म होता है. इन्हीं में से एक महान विभूति थी जगदंबा सरस्वती (मम्मा) का बचपन का नाम राधे था. सदा एकांत में रहते हुए परमात्मा को मन रमा कर शिवबाबा का अनुसरण करने वाली मम्मा दिव्य अलौकिक पथ पर अग्रसर रहीं. मौके पर सुभद्रा देवी, कुंदन बहन, पूनम बहन, अंजलि बहन, प्रेमा बहन, सुनीता बहन, सुमन ,रामचंद्र भाई, राहुल भाई आदि उपस्थित थे.

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