लाखों खर्च के बाद भी शहर में साफ-सफाई के नाम पर खानापूर्ती

लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद लखीसराय शहर की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है. शहर में प्रवेश करते ही गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, जबकि नगर परिषद नियमित सफाई का दावा कर रही है

लखीसराय. नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई के नाम पर हर माह लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है. शहर के कई वार्डों में गंदगी, जलजमाव और खुले में बिक रहे मांस-मछली के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है.

लखीसराय. शहर की साफ-सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. नगर परिषद द्वारा सफाई पर प्रति माह लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के विभिन्न मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. शहर में प्रवेश करते ही दुर्गंध का एहसास होने लगता है, जिससे नगर परिषद के दावों की पोल खुलती नजर आती है.

स्थिति यह है कि शहर के लगभग सभी वार्डों में कहीं न कहीं गंदगी, कूड़े का ढेर और नालियों की बदहाल स्थिति देखने को मिल रही है. हल्की बारिश होने पर कई इलाकों में जलजमाव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. शहर के रखरखाव और सौंदर्यीकरण के नाम पर केवल खानापूर्ति किए जाने का आरोप स्थानीय लोग लगा रहे हैं.

नगर प्रशासन की ओर से खुले में मांस और मछली की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कई बार चेतावनी दी गई है, लेकिन इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा है. विद्यापीठ चौक, बड़ी दरगाह, राजा बाबू मंडी, नई बाजार, स्टेशन के समीप अष्टघट्टी मोड़ तथा बाजार समिति समेत कई स्थानों पर खुले में मांस और मछली की बिक्री जारी है. विक्रेताओं द्वारा मांस और मछली के अवशेष सड़क किनारे फेंक दिए जाते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलती रहती है और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठते हैं, जांच तो होती है, लेकिन उसके परिणाम सामने नहीं आते. हाल ही में नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना के अधिकारियों ने भी शहर की सफाई व्यवस्था की जांच की थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है. लोगों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है.

वहीं, नगर परिषद के सफाई प्रभारी प्रवीण कुमार सिन्हा ने बताया कि खुले में मांस और मछली बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा जुर्माना भी लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शहर में सुबह से दोपहर 12 बजे तक और शाम में रात 8 बजे तक सफाई कार्य कराया जाता है. सभी वार्डों में नियमित रूप से झाड़ू लगाई जाती है और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था भी संचालित है. इसके अलावा वार्ड पार्षद भी अपने स्तर पर मोहल्लों की साफ-सफाई की निगरानी करते हैं.

इसके बावजूद शहर की मौजूदा स्थिति नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रही है. स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से सफाई व्यवस्था में सुधार और खुले में मांस-मछली की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है.B

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