लखीसराय में आंधी के बाद 10 घंटे से बिजली गुल, पानी संकट और ठप कारोबार से लोग बेहाल

Lakhisarai Power Cut: लखीसराय में तेज आंधी के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. शहर के कई इलाकों में 10 घंटे से ज्यादा समय से बिजली गुल है, जिससे पानी का संकट गहरा गया है और छोटे कारोबार पूरी तरह ठप पड़ गये हैं.

लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट.

Lakhisarai Power Cut: सोमवार देर रात चली तेज हवा के बाद लखीसराय शहर में बिजली संकट गहरा गया है. आंधी के साथ गुल हुई बिजली मंगलवार सुबह तक भी कई इलाकों में बहाल नहीं हो सकी. भीषण गर्मी और रोहिणी नक्षत्र की तपिश के बीच लंबे पावर कट ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. बिजली नहीं रहने से जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो गयी है और शहर के छोटे कारोबारियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ है. घंटों से बिजली बहाल नहीं होने पर लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है.

पानी के लिए सुबह से भटकते रहे लोग

बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे बड़ा असर पेयजल संकट के रूप में सामने आया है. घरों में मोटर नहीं चल पाने के कारण पानी की भारी किल्लत हो गयी. सुबह होते ही लोग बाल्टी और डब्बे लेकर चापाकलों और सार्वजनिक नलों पर पहुंच गये.

शहर के कई इलाकों में पानी भरने के लिए लंबी कतारें देखी गयीं. लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली और पानी दोनों का संकट एक साथ खड़ा हो जाने से हालात बेहद कठिन हो गये हैं.

छोटे कारोबार और मिलों पर पड़ा असर

लगातार बिजली नहीं रहने से छोटे व्यवसायियों की परेशानी भी बढ़ गयी है. बिजली पर निर्भर मिल, वेल्डिंग, खराद और छोटे वर्कशॉप पूरी तरह बंद पड़े हैं. कई जगहों पर आटा और मसाला पीसने वाली मिलों में सुबह से सन्नाटा पसरा रहा.

वहीं कंप्यूटर और प्रिंटिंग से जुड़े छोटे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. बिजली और बैकअप दोनों फेल होने के कारण कई दुकानों पर ताले लटक गये. जरूरी काम से पहुंचे छात्र और आम लोग बिना काम कराये लौटते नजर आये.

रोहिणी की गर्मी ने बढ़ायी मुश्किल

एक तरफ बिजली और पानी का संकट, दूसरी तरफ रोहिणी नक्षत्र की झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है. बिना पंखे और कूलर के लोग घरों में उमस से परेशान रहे. बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बिजली विभाग के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हल्की आंधी या तेज हवा चलते ही बिजली काट दी जाती है और फिर उसे बहाल करने में घंटों लगा दिये जाते हैं. लोगों ने बिजली विभाग से जल्द आपूर्ति सामान्य करने की मांग की है. खबर लिखे जाने तक कई इलाकों में मरम्मत कार्य जारी था.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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