लखीसराय. जिले में खरीफ फसलों की खेती तेजी से आगे बढ़ रही है. धान की रोपनी और अरहर की बुआई अपने निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंच गई है, जबकि मक्का की खेती ने लक्ष्य को पार कर लिया है. समय-समय पर हुई बारिश धान की खेती के लिए काफी अनुकूल साबित हुई है. विशेष रूप से चानन और हलसी प्रखंड में धान की रोपनी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
43 हजार हेक्टेयर में धान की रोपनी का लक्ष्य
जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि जिले में इस वर्ष 43 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. शेष क्षेत्र में भी किसान तेजी से रोपनी के कार्य में जुटे हुए हैं.
चानन और हलसी में रोपनी अंतिम चरण में
कृषि विभाग के अनुसार समय पर हुई बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है. इसका सबसे अधिक लाभ धान की खेती को मिला है. चानन और हलसी प्रखंड में धान की रोपनी अंतिम चरण में पहुंच गई है. किसानों को उम्मीद है कि अनुकूल मौसम रहने पर निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा हो जायेगा.
मक्का की खेती ने लक्ष्य को किया पार
मक्का की खेती में जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है. कृषि विभाग ने इस वर्ष 7,700 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक 7,800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मक्का की बुआई हो चुकी है. इस तरह मक्का की खेती लक्ष्य से 100 हेक्टेयर से अधिक आगे निकल गयी है.
अरहर की बुआई भी अंतिम चरण में
अरहर की खेती के लिए जिले में 500 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसके मुकाबले करीब 450 हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है. शेष क्षेत्र में भी किसान बुआई पूरी करने में जुटे हैं. कृषि विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही अरहर की बुआई का निर्धारित लक्ष्य भी पूरा हो जायेगा.
समय पर बारिश से किसानों में बढ़ा उत्साह
जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि इस बार समय-समय पर हुई बारिश धान की रोपनी के लिए काफी सहायक साबित हुई है. पर्याप्त बारिश और अनुकूल मौसम के कारण किसानों में उत्साह है. विभाग की ओर से खरीफ फसलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
