लखीसराय जिले में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. 'नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम' (NMOPS) की जिला इकाई के बैनर तले मंगलवार को जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों व कार्यस्थलों पर बांह में काली पट्टी बांधकर 'काला दिवस' मनाया. कर्मचारियों ने सेवा कार्य जारी रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई पेंशन स्कीम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया तथा पुरानी पेंशन योजना को अविलंब पुनः लागू करने की मांग की.
काम करते हुए जताया विरोध, NPS व UPS को बताया 'काला कानून'
कर्मचारियों ने कार्य बाधित किए बिना सांकेतिक व प्रभावी प्रदर्शन किया:
- कार्यस्थलों पर काला दिवस: जिला समाहरणालय, प्रखंड कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षा विभाग और अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर फाइलों का काम निपटाया.
- जिला महासचिव का बयान: संगठन के जिला महासचिव मुकेश पटेल ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस कर्मचारियों के बुढ़ापे के साथ छलावा हैं. जब तक केंद्र सरकार इन योजनाओं को वापस लेकर शत-प्रतिशत पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा.
"नेताओं को पेंशन, तो कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों?": बड़ा सवाल
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा किया:
- पेंशन का दोहरा मापदंड: कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक दिन के लिए भी चुनाव जीतकर सांसद या विधायक बनने वाले जनप्रतिनिधि जीवनभर पेंशन का लाभ लेते हैं. वहीं दूसरी ओर, 60 वर्ष की आयु तक पूरी निष्ठा से देश और राज्य की सेवा करने वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके बुढ़ापे के सहारे से वंचित कर दिया गया है.
- बुढ़ापे की लाठी है OPS: कर्मचारियों का कहना है कि शेयर बाजार पर आधारित पेंशन व्यवस्था उनके भविष्य को सुरक्षित नहीं रख सकती; पुरानी पेंशन ही उनके सामाजिक और आर्थिक सम्मान की गारंटी है.
गूंजे नारे: 'नो एनपीएस, नो यूपीएस, ओनली ओपीएस'
विरोध के दौरान विभिन्न दफ्तरों में जोरदार नारेबाजी हुई:
- प्रमुख नारे: कर्मचारियों ने एकजुट होकर "नो एनपीएस, नो यूपीएस, ओनली ओपीएस— हमें चाहिए सिर्फ पुरानी पेंशन" के गगनभेदी नारे लगाए.
- सैकड़ों कर्मचारियों की भागीदारी: इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सौरभ रंजन, ऋषभ कुमार, पंकज कुमार, विजय कुमार, सुधांशु कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे.
