लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट:
Lakhisarai news: बाइपास पुल में तकनीकी खराबी के कारण भारी वाहनों के परिचालन पर लगी रोक का असर अब शहर की यातायात व्यवस्था पर साफ दिखने लगा है. विद्यापीठ चौक, गढ़ी विशनपुर और गढ़ी पुल के आसपास प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बन रही है. नो एंट्री के दौरान सड़कों पर ट्रकों की लंबी कतार लग जाने से आम लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है.
शाम चार बजे के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. गढ़ी पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे छोटे-बड़े वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए पुल के दोनों छोर पर स्थायी रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी है.
शादी समारोह के वाहन भी जाम में फंसे
मंगलवार को जाम की समस्या का असर एक शादी समारोह पर भी देखने को मिला. सदर प्रखंड के वृंदावन पंचायत के मुखिया पति एवं पूर्व मुखिया मो. इरफान के रिश्तेदार की बारात और दूल्हे की गाड़ी घंटों जाम में फंसी रही. स्थिति बिगड़ने पर एसडीओ प्रभाकर कुमार के निर्देश पर टाउन थाना और किऊल थाना की पुलिस को मौके पर भेजा गया. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम हटाया जा सका.
एक वर्ष तक चल सकती है पुल की मरम्मत
एसडीओ प्रभाकर कुमार और पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवम कुमार ने बताया कि बाइपास पुल की मरम्मत में करीब एक वर्ष का समय लग सकता है. इस अवधि में पुल से भारी वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. मरम्मत को लेकर विशेषज्ञ अभियंताओं से तकनीकी परामर्श लिया जा रहा है और अंतिम निर्णय विभागीय उच्च अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा.
वैकल्पिक सड़क निर्माण पर मंथन
मंगलवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाल, डीएम अमरेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार, कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिन्हा एवं अन्य अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने पुल के नीचे वैकल्पिक मार्ग निर्माण की संभावनाओं का भी जायजा लिया.
पथ निर्माण विभाग के सचिव ने बुधवार को पटना में विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है. बैठक में बाइपास पुल और मलिया पुल की मरम्मत के साथ-साथ वैकल्पिक सड़क निर्माण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
एक माह में बन सकती है वैकल्पिक सड़क
पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवम कुमार ने बताया कि यदि स्वीकृति मिलती है तो पुल की मरम्मत शुरू होने से पहले लगभग एक माह के भीतर वैकल्पिक सड़क का निर्माण कराया जा सकता है. इससे जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा.
फिलहाल शहरवासियों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने का इंतजार है और लोग प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं.
