लखीसराय. कायाकल्प योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान योजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी गई तथा कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया.
कायाकल्प योजना के उद्देश्यों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कायाकल्प योजना के उद्देश्य और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति के बारे में विस्तार से बताया गया. चयनित कार्यों की प्राथमिकता तय करने, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने और योजनाओं की नियमित निगरानी से जुड़े बिंदुओं पर भी चर्चा की गई.
अधिकारियों को बताया गया कि योजना के तहत स्वीकृत और चयनित कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता देते हुए समय पर पूरा करना जरूरी है.
गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने सभी बीडीओ को योजना के तहत चल रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य मौजूदा आधारभूत संरचनाओं और सार्वजनिक संपत्तियों में सुधार कर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
डीएम ने अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा. उन्होंने समयसीमा के भीतर कार्यों को पूरा कराने पर भी जोर दिया.
बेहतर समन्वय से पूरा होगा योजना का लक्ष्य
डीडीसी सुमित कुमार ने प्रखंड स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केवल कार्य शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी लगातार निगरानी और प्रगति की समीक्षा भी जरूरी है.
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने योजना से जुड़ी संभावित तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा की और उनके समाधान के उपायों पर विचार किया.
तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी गई. कार्यों की प्रगति की समीक्षा, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर भी मार्गदर्शन दिया गया.
ये अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन नीरज कुमार, निदेशक एनईपी नीरज आनंद सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने योजना के सफल और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया.
