कजरा अस्पताल में फोन पर इलाज, कटघरे में स्वास्थ्य व्यवस्था

कजरा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर चर्चा में है

डॉक्टर की गैर मौजूदगी पर उठे सवाल, प्रभारी और चिकित्सक के बयानों में विरोधाभास कजरा कजरा स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर चर्चा में है. बुधवार को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. नलिनी नयन के अस्पताल में मौजूद नहीं रहने और मरीजों का कथित रूप से मोबाइल फोन पर इलाज किये जाने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर ही मौजूद नहीं रहेंगे, तो गरीब और जरूरतमंद मरीज आखिर कहां जायेंगे. अस्पताल में डॉक्टर नहीं, कर्मचारी रहे मौजूद बुधवार को अस्पताल का जायजा लेने पर वहां लैब टेक्नीशियन प्रकाश पासवान, ऑपरेटर दीपक कुमार, पुरुष गार्ड बबलू राम और महिला गार्ड शबनम कुमारी मौजूद मिले. हालांकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक अस्पताल में नजर नहीं आये. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उस दिन कुल आठ मरीजों की पर्ची कटी थी. आरोप है कि इन मरीजों का इलाज डॉक्टर ने फोन पर ही कर दिया. कई ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि डॉक्टर मंगलवार को अस्पताल आये थे, लेकिन बुधवार को पूरे दिन नहीं दिखे. ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को कर्मचारियों ने कहा, “डॉक्टर साहब फोन पर इलाज कर देंगे, आप अपनी समस्या बता दीजिए.” इस व्यवस्था से मरीजों में असंतोष देखा गया. मरीजों ने सुनाई आपबीती इलाज कराने पहुंचे अंकुश कुमार, विक्की कुमार और राम कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे. कर्मचारियों ने उन्हें फोन पर परामर्श देने की बात कही. मरीजों का कहना है कि पहले से ही सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी है. ऊपर से डॉक्टर की अनुपस्थिति गरीब मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. बोले चिकित्सक डॉ नलिनी नयन ने फोन पर बताया कि वे सुबह करीब 10 बजे अस्पताल आये थे, लेकिन इसके बाद उन्हें सूर्यगढ़ा सीएचसी जाना पड़ा. हालांकि अस्पताल में मौजूद लोगों ने दावा किया कि सुबह 10 बजे भी डॉक्टर वहां नहीं थे. इसी बात को लेकर विवाद गहरा गया. बता दें कि एपीएचसी कजरा के प्रभारी के अवकाश पर होने की वजह से डॉ. नलिनी नयन को उनके अवकाश से लौटने तक कजरा में ड्यूटी लगायी गयी थी. सीएचसी प्रभारी के बयान में भी उलझन की स्थिति सूर्यगढ़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. वाईके दिवाकर से संपर्क करने पर पहले उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टर छुट्टी पर हैं. बाद में उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचने की सूचना दी थी. कुछ देर बाद उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर के घर में समस्या थी, इसलिए वे घर चले गये. उनके बयानों में आये इस विरोधाभास से पूरे मामले पर सवाल उठने लगे हैं. बाद में उन्होंने कहा, “यदि ऐसा हुआ है तो ठीक नहीं है. मामले की जांच की जायेगी. ऐसे नहीं चलेगा.” सिविल सर्जन ने जताया आश्चर्य मामले पर लखीसराय के सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह ने कहा कि उन्हें तत्काल यह जानकारी नहीं है कि उस दिन किस डॉक्टर की ड्यूटी थी. फोन पर इलाज के आरोप पर उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा, “फोन पर इलाज कैसे हो सकता है. बीमारी कोई मजाक नहीं है. मामले की जानकारी ली जायेगी.” ग्रामीणों की निष्पक्ष जांच की मांग कजरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घटना को लेकर नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टर नहीं मिलेंगे, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कैसे कायम रहेगा. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए. अब सबकी नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है. सवाल यह है कि सच्चाई सामने आयेगी या मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जायेगा. ———————————————————————————————————–

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By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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