Lakhisarai Mediation Drive: लखीसराय. नालसा एवं बालसा के निर्देशानुसार मीडिएशन फॉर नेशन 3.0 ड्राइव को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय की ओर से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के प्रकोष्ठ में बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आशीष कुमार अग्निहोत्री ने की. इसमें न्यायिक पदाधिकारियों ने मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के समाधान की रणनीति पर चर्चा की.
सुलह योग्य वादों की होगी पहचान
बैठक में तय किया गया कि ऐसे वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाएगा, जिनमें सुलह-समझौते की संभावना है. चिन्हित मामलों के पक्षकारों को नोटिस जारी कर मध्यस्थता प्रक्रिया के लिए प्रेरित किया जाएगा. अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों को मध्यस्थता केंद्र से जोड़ने और इसके लाभ के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया.
मध्यस्थता से मामलों के समाधान पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का अपेक्षाकृत सरल और सहमति आधारित समाधान संभव है. बैठक में सहमति बनी कि अधिक से अधिक उपयुक्त वादों को चिन्हित कर मध्यस्थता केंद्र भेजा जाएगा, ताकि लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके.
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा
बैठक के दौरान 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. अब तक की प्रगति, चिन्हित वादों और निस्तारण की स्थिति पर चर्चा करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया. अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया.
न्यायिक पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम, लखीसराय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुमन चंद्र, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी निवास शर्मा और न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी प्रशांत कुमार उपस्थित रहे.
रेलवे अधिकारियों के साथ भी हुई बैठक
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के प्रकोष्ठ में रेलवे अधिकारियों के साथ दूसरी बैठक आयोजित की गई. इसमें अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, रेलवे लखीसराय श्री कुंदन कुमार गुप्ता सहित रेलवे के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों और अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई.
लोक अदालत के प्रचार-प्रसार पर जोर
Lakhisarai Mediation Drive: रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए. अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पात्र पक्षकारों को लोक अदालत की प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया.
