आपदा प्रबंधन की बैठक में डीएम ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
लखीसरायजिले में बढ़ती गर्मी व लू (हीट वेव) की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इस क्रम में समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद आपदा प्रबंधन शाखा द्वारा विभिन्न विभागों को सख्त निर्देश जारी किये गये हैं, ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके.बैठक के दौरान शहरी क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंडों व आश्रय स्थलों पर स्थानीय निकायों को ””पियाऊ”” और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने को कहा गया है. पीएचईडी विभाग खराब चापाकलों की युद्ध स्तर पर मरम्मत करेगा और जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जायेगी.
स्वास्थ्य विभाग को तैयारी करने का दिया गया निर्देश
सिविल सर्जन को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में ओआरएस पैकेट, आईवी फ्लूइड और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है. लू से प्रभावितों के इलाज के लिए विशेष वार्ड और स्टैटिक या चलंत चिकित्सा दल भी तैनात रहेंगे. सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में यात्रियों के लिए पानी और प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य की गयी है. श्रम अधीक्षक को कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए पेयजल और लू से बचाव के इंतजाम करने को कहा गया है. जबकि पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए पानी और बीमार पड़ने पर मेडिकल टीम तैयार रखने का निर्देश मिला है.
स्कूल और आंगनबाड़ी के लिए जारी किया गया निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी और आईसीएसडी को निर्देश दिया गया है कि सभी स्कूलों, परीक्षा केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था रहे. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जायेगी.
वहीं बिजली विभाग को ढीले तारों की मरम्मत व निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाये रखने का जिम्मा सौंपा गया है. जबकि जिला अग्निशमन पदाधिकारी को गर्मी के कारण होने वाली अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं. प्रशासन ने पंचायती राज विभाग के माध्यम से गांवों में लू से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्णय लिया है. ताकि लोग जागरूक रह सकें. बैठक के दौरान एडीएम नीरज कुमार, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शशि कुमार, सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.