बड़हिया थाना क्षेत्र के तहदिया मोड़ के समीप सोमवार की देर शाम की घटना
बड़हिया.थाना क्षेत्र अंतर्गत तहदिया मोड़ के पास सोमवार की देर शाम तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची की मौत हो गयी. इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों में कोहराम मच गया. मृत बच्ची की पहचान 11 वर्षीय अन्नू कुमारी के रूप में हुई है. वह वार्ड संख्या नौ निवासी चंदन मंडल की पुत्री थी. बताया जा रहा है कि अन्नू घर से दूध लेने के लिए निकली थी और सड़क पार कर रही थी, तभी अचानक तेज गति से आ रही बाइक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक काफी तेज रफ्तार में थी और चालक नियंत्रण नहीं रख सका. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गयी. आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है और लोग स्तब्ध हैं. वहीं बाइक चालक घटना के बाद फरार होने में कामयाब रहा.——————————————————————————————————
सूर्यगढ़ा पुलिस ने तीन वारंटी को किया गिरफ्तारसूर्यगढ़ा. स्थानीय पुलिस ने विभिन्न जगहों से तीन वारंटी को गिरफ्तार कर मंगलवार को लखीसराय कोर्ट में पेश किया है. सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा खर्रा गांव से इसी गांव के रहने वाले बैजनाथ यादव के पुत्र मन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया. सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 21/09 मारपीट मामले में उसके खिलाफ न्यायालय द्वारा एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया है. इधर, पुलिस ने सूर्यगढ़ा नगर परिषद क्षेत्र के जकरपुरा गांव से इसी गांव के रहने वाले रंजीत सिंह के पुत्र वारंटी घोड़े लाल सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 205 /08 जबरन वसूली के मामले में उनके खिलाफ न्यायालय द्वारा एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया है. इसी गांव से पुलिस ने सूर्यगढ़ा थाना कांड संख्या 58/20 मारपीट मामले में एनबीडब्लू वारंटी अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया है.——————————————-
अपनी मांग को जायज ठहराते हुए अभी तक नहीं लौटे राजस्व एवं अंचलाधिकारीराजस्व कर्मचारी भी नहीं लौटे हड़ताल से, लोगों का काम पड़ा पेंडिंग
आरओ एवं सीओ ने कहा कि उनकी मांग है जायज, सरकार को करनी चाहिए पहल
प्रतिनिधि, लखीसराय. सरकार के अड़ियल रवैया के कारण जिले के सभी सीओ एवं आरओ का सामूहिक अवकाश से नहीं लौटने के कारण आमजनों को काफी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. पिछले नौ मार्च से अपनी मांगों के समर्थन में सभी सीओ एवं आरओ सामूहिक अवकाश पर चले गये. इससे पूर्व 12 फरवरी से राजस्व कर्मचारी भी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गये हुए हैं. जिससे कि राजस्व संबंधित दाखिल खारिज परिमार्जन जमाबंदी सुधार का कार्य ठप्प पड़ा हुआ है. राजस्व कर्मचारी के हड़ताल जाने के बाद पंचायत सचिव को उनके प्रभार को सौंपा गया है, लेकिन राजस्व कर्मचारी का कार्य टेक्निकल रूप से नहीं समझ में आने के कारण पंचायत सेवक को परेशानी हो रही है. कई पंचायत सेवक ने बताया कि राजस्व कर्मचारी का कार्य उनसे करना आसान नहीं है. वहीं सीओ का प्रभार सभी बीडीओ को दिया गया है. जिनके द्वारा सिर्फ प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है. जबकि दाखिल खारिज परिमार्जन जमाबंदी सुधार समेत अन्य कार्य अभी भी पेंडिंग में पड़ा हुआ है. सीओ एवं आरओ के द्वारा नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा गया कि उनकी मांग सरकार द्वारा पारित एवं उच्च न्यायालय के आदेशानुसार है. हाल के मंत्री परिषद की बैठक में प्रस्ताव संख्या 23 एवं 30 को बदला गया है जो कि सभी सीओ एवं आरओ के हित में सही फैसला नहीं है. नये लोगों को इस फैसले में मौका दिया गया है, जबकि डीसीएलआर पद के लिए पूर्व से अनुभव प्राप्त आरओ एवं सीओ को दरकिनार किया गया है. राजस्व सेवा संघ एवं विरसा यूनाइटेड संघर्ष संयुक्त मोर्चा ने यह स्पष्ट किया है. 300 सीओ एवं आरओ के सामूहिक अवकाश पर लौटने की बात भ्रामक है. जब तक एक भी सीओ को डीसीएलआर नहीं बनाया गया तब तक वे सब सामूहिक अवकाश से नहीं लौट रहे हैं.——————————————————————————————————————–
