Shravani Mela: असरगंज (मुंगेर). श्रावणी मेला 2026 में रविवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से आया ‘क्षीर सागर’ थीम पर आधारित विशाल कांवर श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा. श्री सिद्धि दातृ काली मंदिर, लीचु बागान, हावड़ा के तत्वावधान में ‘लीचु बागान बाबा धाम ग्रुप’ के कांवरियों ने इस भव्य कांवर को तैयार किया है. कांवर पर समुद्र की लहरों जैसी नीली आकृति बनाई गई है, जिसके ऊपर शेषनाग पर विराजमान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की झांकी स्थापित की गयी है.
‘क्षीर सागर’ की झांकी ने खींचा ध्यान
विशाल कांवर पर बनाई गई नीले रंग की समुद्रनुमा आकृति और उसके ऊपर स्थापित भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की झांकी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती रही. कच्ची कांवरिया पथ से गुजरते समय कई श्रद्धालु कुछ देर रुककर इस अनोखी झांकी को निहारते रहे और अपने मोबाइल फोन से फोटो एवं वीडियो बनाते नजर आये.
‘समुद्र मंथन’ की कथा को दिया गया स्वरूप
कांवरियों ने बताया कि वे हर वर्ष अलग-अलग धार्मिक विषयों पर आधारित बड़े कांवर तैयार कर बाबा धाम की यात्रा करते हैं. इस बार ‘समुद्र मंथन’ की कथा को दर्शाने के लिए ‘क्षीर सागर’ की झांकी तैयार की गई है. उनका उद्देश्य भक्ति के साथ धार्मिक कथाओं और सनातन परंपराओं को कांवर यात्रा के माध्यम से प्रस्तुत करना है.
‘बोल बम’ के जयघोष के साथ देवघर रवाना
‘लीचु बागान बाबा धाम ग्रुप’ के बैनर तले आए कांवरिया दल में शामिल शिवभक्त केसरिया और पीले वस्त्रों में नजर आए. सभी कांवर को कंधे पर लेकर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ देवघर की ओर बढ़ रहे थे. विशाल कांवर के साथ चल रहे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया.
हर साल तैयार करते हैं थीम आधारित कांवर
कांवरियों ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा के लिए वे हर वर्ष आकर्षक और थीम आधारित कांवर तैयार करते हैं. उनका मानना है कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आस्था का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण और सनातन परंपराओं को जीवंत रखने का भी अवसर है.
विशाल कांवर के लिए प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था
Shravani Mela: मुंगेर सीमा के कच्ची कांवरिया पथ से विशाल कांवर के सुरक्षित आवागमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्था की गई. सावन माह के चरम पर पहुंचने के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में शिवभक्त देवघर की ओर रवाना हो रहे हैं. अलग-अलग थीम और स्वरूप में तैयार कांवर उनकी भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था और भक्ति को दर्शा रहे हैं.
