बड़हिया प्रखंड के टाल क्षेत्र अंतर्गत महरामचक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे. ग्रामीणों ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय महरामचक के नाम दर्ज भूमि की सही मापी और सीमांकन कराने को लेकर पहले ही ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है. गांव के पूर्वजों द्वारा विद्यालय के लिए दान की गयी जमीन को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि उसका उपयोग शिक्षा कार्य में हो सके. मामले को लेकर अंचल कार्यालय में दोनों पक्षों की मौजूदगी में विस्तृत चर्चा की गयी. इस दौरान यह जानकारी सामने आयी कि आवेदन मिलने के बाद दो दिन पूर्व सरकारी अमीन द्वारा स्थल पर जाकर भूमि की मापी भी की गयी थी. बैठक के दौरान ग्रामीणों ने स्वीकार किया कि विद्यालय के नाम कुल 34 डिसमिल जमीन उपलब्ध है. वहीं दूसरे पक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उसी चौहद्दी के भीतर वर्ष 1974-75 में सरकार की ओर से 11 डिसमिल जमीन का बासगीत पर्चा निर्गत किया गया था. संबंधित पक्ष का कहना था कि पर्चा वाली भूमि के एक हिस्से पर पुराना मकान बना हुआ है, जबकि शेष जमीन खाली पड़ी है. इसी खाली भूमि की घेराबंदी को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है. सीओ ने विवाद के स्थायी समाधान के लिए दोनों पक्षों की सहमति से चौहद्दी के आधार पर दोबारा स्पष्ट मापी कराने का प्रस्ताव दिया. बैठक समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जतायी कि वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद अब सुलझ जायेगा.
विद्यालय की जमीन विवाद पर अंचल कार्यालय में हुई सुनवाई
प्रखंड के टाल क्षेत्र अंतर्गत महरामचक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे
