शैक्षणिक यात्रा का आधार है फाउंडेशन स्टेज : डीएम

शैक्षणिक यात्रा का आधार है फाउंडेशन स्टेज : डीएम

संकुल संचालकों व प्रखंड तकनीकी टीम ने लगाया उन्मुखीकरण कार्यशाला

लखीसराय. जिले में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) व जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम (डीईपी) के प्रभावी व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने के लिए संकुल संचालकों व प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन कौशल्या रेजेंसी में किया गया. कार्यशाला का संचालन डीएम मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में किया गया. डीइओ यदुवंश राम, एसएसए जिला समन्वयक अमित कुमार सिंह व डायट प्राचार्य वंदना कुमारी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. कार्यशाला में चानन, रामगढ़ चौक, बड़हिया व हलसी प्रखंडों से आये प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को पीबीएल की मूल अवधारणा, पांच-दिवसीय एमआइपी योजना निर्माण, मॉडल कक्षा संचालन, मूल्यांकन की प्रक्रिया, कक्षा प्रबंधन के उन्नत तरीकों तथा पीबीएल आधारित अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के आयोजन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षित किया गया. प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि पीबीएल का उद्देश्य छात्रों में अवधारणात्मक समझ बढ़ाते हुए वास्तविक जीवन से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक व प्रभावी बनाना है. डायट प्राचार्य वंदना कुमारी ने अपने विशेष सत्र में जिले में निपुण भारत मिशन की प्रगति पर व्यापक समीक्षा प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में एफएलएन के क्षेत्र में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है. डीएम ने प्रतिभागियों से संवाद कर उनकी सीख व उनके विद्यालय-स्तर पर लागू की जाने वाली रणनीतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि फाउंडेशन स्टेज किसी भी बच्चे की शैक्षणिक यात्रा का आधार होती है. इस स्तर पर शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसी क्रम में चानन व बड़हिया प्रखंड की ओर से पीबीएल में किये गये उत्कृष्ट कार्य के लिए उनकी प्रखंड तकनीकी टीम को प्रशंसा-पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम में मंत्रा फॉर चेंज टीम से भारती चौहान, अदनान मिर्जा, कृष्णा राय, नवनीत कुमार व प्रदुमन कुमार ने तकनीकी सत्रों के संचालन व कार्यशाला समन्वय में अहम भूमिका निभायी. कार्यक्रम के अंत में प्रखंडस्तरीय आगामी प्रशिक्षणों की रूपरेखा, दीक्षा पर समयबद्ध एमआईपी पूर्णता, पीबीएल आधारित पीटीएम आयोजन तथा मासिक अनुश्रवण रणनीति साझा की गयी. प्रतिभागियों ने जिले में पीबीएल एवं एफएलएन आधारित कार्यक्रमों के गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की.

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