गृह प्रसव मुक्त पंचायत बनाने का हो रहा प्रयास: सुधांशु

स्वास्थ्य विभाग की बेहतर व्यवस्था, सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और गांव की आशा कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों का असर अब दामोदरपुर पंचायत में स्पष्ट दिख रहा है.

गृह प्रसव के मुकाबले संस्थागत प्रसव को माना अधिक सुरक्षित

पिछले छह महीनों में दामोदरपुर पंचायत में 176 संस्थागत प्रसव

लखीसराय

स्वास्थ्य विभाग की बेहतर व्यवस्था, सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और गांव की आशा कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रयासों का असर अब दामोदरपुर पंचायत में स्पष्ट दिख रहा है. पंचायत की महिलाएं अब घर की बजाय अस्पताल में प्रसव को सुरक्षित मानने लगी हैं. यह कहना है सोनी कुमारी का, जिनका विगत दिसंबर में सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव हुआ. सोनी बताती हैं कि जब वे आशा के साथ अस्पताल पहुंचीं, तो मन में कई सवाल थे कि क्या सच में सदर अस्पताल में बेहतर व्यवस्था है, सुरक्षित प्रसव हो पायेगा और क्या मेरा बच्चा सुरक्षित रहेगा लेकिन जैसे ही वे प्रसव कक्ष में पहुंचीं, उनकी शंका दूर हो गयी. सोनी कहती हैं कि प्रसव कक्ष में साफ-सुथरी व्यवस्था, साफ बिस्तर व चादर, चिकित्सक और नर्सों की मौजूदगी और तैयारी देखकर उन्हें भरोसा हो गया कि उनका और उनके बच्चे का प्रसव सुरक्षित तरीके से कराया जायेगा.

पिछले छह महीनों में 176 संस्थागत प्रसव

जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि दामोदरपुर पंचायत में पिछले छह माह में 176 संस्थागत प्रसव कराये गये हैं, जबकि मात्र सात प्रसव गृह प्रसव के रूप में हुए. उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि गृह प्रसव की संख्या को और कम करते हुए पंचायत को गृह प्रसव मुक्त पंचायत घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाय.

पिरामल की जिला प्रतिनिधि रौशनी ने बताया कि समुदाय के कई लोगों में अब भी संस्थागत प्रसव को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है. कई परिवार आज भी ग्रामीण चिकित्सक या दाई पर निर्भर होकर घर में प्रसव करा लेते हैं, जो अत्यंत जोखिमभरा हो सकता है.

उन्होंने कहा कि गृह प्रसव के दौरान यदि अत्यधिक रक्तस्राव हो जाय, तो जच्चा-बच्चा दोनों की जान खतरे में पड़ सकती है. ऐसे में समुदाय को गृह प्रसव से जुड़ी अनदेखी जटिलताओं के प्रति जागरूक करना अत्यंत जरूरी है. दामोदरपुर पंचायत की आशा मधु कुमारी बताती हैं कि अब गांव के लोग धीरे-धीरे समझने लगे हैं कि अस्पताल में प्रसव कराना ही सुरक्षित विकल्प है.

अस्पताल में सुरक्षित प्रसव की सुविधाएं उपलब्ध

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लखीसराय के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया कि आशा गृह भ्रमण के दौरान लोगों को संस्थागत प्रसव के फायदे समझाती हैं. वे बताती हैं कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता न मिलना, मां व बच्चे में संक्रमण का खतरा, बच्चे को सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं एवं जटिलताओं के समय इलाज में देरी शामिल है. उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के दौरान प्रशिक्षित चिकित्सक और नर्सों की देखरेख में सुरक्षित प्रसव कराया जाता है. अस्पताल आने-जाने के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध रहती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >