मेदनीचौकी के प्रतिनिधि के अनुसार
अनिल महतो के अनुसार उसकी बेटी ललिता कुमारी का 27 वर्ष की उम्र में सलारपुर निवासी महेंद्र सिंह के पुत्र संदीप कुमार से 2022 में शादी हुई थी. शादी में दहेज में आठ लाख रुपये दिया गया था. इधर, छह माह पूर्व उक्त लड़की ने फोन पर अपने मां-बाप को बताया कि उसकी सास, ससुर व पति 15 लाख रुपये मांगने के लिए अलग-अलग रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं. दहेज की मांग नहीं पूर्ति होने पर सास, ससुर व पति तीनों ने मिलकर बेटी को जहर पिला दिया. सूचना पर भाई मेदनीचौकी पहुंचा तो देखा कि एक मेडिकल स्टोर में ललिता लेटी हुई है और पति ससुर वहीं है. फिर भाई एंबुलेंस बुलाकर मुंगेर इमरजेंसी अस्पताल ललिता को इलाज कराने ले गया, जहां आईसीयू में भर्ती किया गया. अगले दिन 11 जून को 11:00 बजे चिकित्सक ने बताया कि आपकी बेटी जीवित नहीं है. यह सुनते ही ललिता की पति वहां से भाग गया. पिता अनिल महतो ने अपनी बेटी को जहर पिलाकर मारने का आरोप उसके सास, ससुर व पति पर आवेदन में लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है.
