जांच दिशा-निर्देश के अनुरूप नहीं, समीक्षा में मामला उजागर
लखीसराय के प्रतिनिधि के अनुसार
जन वितरण प्रणाली में नयी डीलरशिप की नियुक्ति में खेल करने का मामला सामने आया है. जांच में लापरवाही और अनियमितता पाये जाने पर लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने चार आपूर्ति अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. जिनकी रिपोर्ट असंतोषजनक मानते हुए सभी शिकायतों की दोबारा जांच के आदेश दिये गये हैं. डीएम के पास पीडीएस की नयी नियुक्तियों में आवेदन पत्रों की जांच में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. .
समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में जांच तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हुई. जिन अधिकारियों से जवाब मांगा गया उनमें प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक रामगढ़ चौक अंकिता, तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक बड़हिया सह वर्तमान में नवाकोठी, पूर्णिया में पदस्थापित शौर्य सिन्हा, तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पिपरिया सह वर्तमान में नरकटियागंज, पश्चिम चंपारण में पदस्थापित सुशील प्रताप सिंह व तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सूर्यगढ़ा सह वर्तमान में धमदाहा, पूर्णिया में पदस्थापित अमित कुमार पाठक शामिल है. डीएम ने विशेष रूप से बड़हिया और पिपरिया के जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा की. इसमें कई पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्रों में आपत्तियों के निष्पादन में निष्पक्षता नहीं बरतने की बात सामने आई. कुछ मामलों में एक ही परिवार के लोगों को लाभ पहुंचाने, निवास और पात्रता की सही जांच न करने की भी शिकायत है. डीएम ने कहा है कि पीडीएस गरीबों को अनाज देने की सबसे अहम व्यवस्था है. इसकी नियुक्ति में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही रहेगी.किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सभी लंबित मामलों को नियमों के अनुसार निपटाने और हर शिकायत की तथ्यपरक, साक्ष्य आधारित दोबारा जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. डीएम ने चेतावनी दी है कि अगर जानबूझकर तथ्य छिपाने या गलत रिपोर्ट देने की पुष्टि हुई तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई होगी. प्रशासन ने साफ किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया की सतत निगरानी की जायेगी और दोषी पाये जाने पर कठोर कार्रवाई तय है.
