बैठक में डीएम ने दोनों कार्यान्वयन एजेंसियों से मांगा स्पष्टीकरण
डीएम ने अफसरों को डी सख्त हिदायत
लखीसराय के प्रतिनिधि के अनुसार
पंचायत सरकार भवन निर्माण में लगातार हो रही देरी पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जतायी है. सोमवार को समाहरणालय में हुई जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम ने दोनों कार्यान्वयन एजेंसियों से स्पष्टीकरण मांगा और साफ कहा कि काम में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा. बैठक डीएम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में हुई, जिसमें पंचायत सरकार भवन निर्माण योजना की समीक्षा की गयी.
दो नये भवनों को सैद्धांतिक मंजूरी
बैठक में बड़हिया प्रखंड की ग्राम पंचायत उरैन पश्चिमी और सूर्यगढ़ा प्रखंड की ग्राम पंचायत गोरखपुर में पंचायत सरकार भवन के लिए अंचल अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित भूमि की समीक्षा की गयी. समिति ने दोनों स्थलों को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है और अब विभाग को अग्रेतर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा. समीक्षा के दौरान डीएम ने भवन निर्माण विभाग, लखीसराय और भवन प्रमंडल संगठन, लखीसराय को आड़े हाथों लिया. स्वीकृत स्थलों पर अब तक निर्माण शुरू नहीं होने पर उन्होंने दोनों एजेंसियों से जवाब तलब किया. डीएम ने कहा कि पंचायत सरकार भवन अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिससे ग्रामीण जनता को एक ही छत के नीचे सभी सरकारी सेवाओं का लाभ मिलता है. उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा कि बार-बार अलग-अलग कारण और बहाने बताए जाते हैं, जबकि समयबद्ध क्रियान्वयन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. डीएम ने कहा कि पिछली बैठक में कार्यपालक अभियंता ने भूमि की अपर्याप्तता का हवाला दिया था, लेकिन रिकॉर्ड और स्थल जांच में भूमि पर्याप्त पायी गयी. इस पर उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि बैठकों में सिर्फ तथ्यात्मक और सही जानकारी ही रखी जाय. भ्रामक या अधूरी जानकारी देना गंभीर विषय है.सभी अधिकारी जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करें. अंत में डीएम ने दोनों एजेंसियों को स्वीकृत स्थलों पर यथाशीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने और योजना को तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पम्मी रानी, कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग कुणाल कुमार, संबंधित अंचलाधिकारी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
