महिला संवाद में आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति पर चर्चा

महिला संवाद में आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति पर चर्चा

लखीसराय. ग्रामीण महिलाओं की मुखरता और उनकी आवाज ने गांव और महिलाओं की दिशा और दशा सुधारने में संजीवनी का काम किया है. पिछले 20 सालों में राज्य में महिला सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन को बढ़ावा मिला और गांव की महिलाओं ने जीविका के संबल से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की बयार बहाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर गांव की अत्यंत गरीब महिला ने अपनी तकदीर संवारी फिर यह कारवां बढ़ता गया और गांव की सैकड़ों महिलाएं आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की मिसाल बनी हैं. राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों एवं महिलाओं के विकास की बानगी महिला संवाद कार्यक्रम में प्रदर्शित है. बिहार सरकार अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन का अवलोकन एवं उससे हुए लाभ तथा गांव में अन्य सुविधाओं के क्रियान्वयन हेतु गांव-गांव में महिला संवाद कार्यक्रम जीविका के माध्यम से आयोजित करा रही है. राज्यव्यापी महिला संवाद कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के बीच आशा एवं उम्मीद की किरण लिए ग्रामीण क्षेत्रों एवं महिलाओं के विकास के लिए योजनाओं एवं सुविधाओं के क्रियान्वयन हेतु व्यापक माध्यम बना है. लखीसराय जिला में भी आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से जिला के विकास की नयी रूपरेखा तैयार कर रही है. जिले के सात में से छह प्रखंडों में महिला संवाद कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन हो चुका है. वर्तमान समय में सूर्यगढ़ा मंअ चार महिला संवाद रथ के माध्यम से प्रति दिन आठ महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. सोमवार को सूर्यगढ़ा प्रखंड में महक जीविका महिला ग्राम संगठन द्वारा बरियारपुर गांव में, पालक ग्राम संगठन द्वारा मोहम्मदपुर गांव में, पवन ग्राम संगठन द्वारा अरमा गांव में, संजीवनी ग्राम संगठन द्वारा जकड़पुरा गांव में, जीवन अमृत ग्राम संगठन द्वारा कसबा गांव में, नव शक्ति ग्राम संगटन द्वारा कावा राजपुर गांव में, संघ ग्राम संगठन द्वारा मदनपुर गांव में एवं सुंदरी ग्राम संगठन द्वारा बुधौली बंकर गांव में एवं महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विभिन्न स्थानों पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाएं अपने जीवन में आये बदलाव, आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति, अपने सपने, आकांक्षाएं, इच्छाएं और सुझाव को साझा कर रही हैं. अपनी प्रेरणादायक कहानियां मसलन कल तक झोपड़ी में किसी तरह गुजरा होता था, लेकिन अब अपना पक्का मकान, घर में ही शौचालय, राशन कार्ड और बच्चों के शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न योजनाओं से मिले लाभ को बता रही हैं साथ ह ही में गांव-समाज की समस्याओं को वे मुखरता और आत्मविश्वास से रख रही है. कार्यक्रम स्थल पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाए जा रहे वीडियो फिल्मों में सरकार की योजनाओं को रोचक व प्रेरणादायी रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है.

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