ज्ञान भारतम् मिशन को लेकर डीडीसी ने की बैठक

संवर्धन एवं डिजिटलीकरण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है.

बैठक में मिशन को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करने पर दिया गया बलज्ञान भारतम् मिशन भारत की प्राचीन पांडुलिपियों एवं ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन एवं डिजिटलीकरण की दिशा में है अत्यंत महत्वपूर्ण

लखीसराय. समाहरणालय परिसर स्थित मंत्रणा कक्ष में शुक्रवार को डीडीसी सुमित कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. जिसमें जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विभिन्न पंचायतों के माननीय मुखियागण उपस्थित रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य ज्ञान भारतम् मिशन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश देना था. बैठक के दौरान डीडीसी ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन भारत की प्राचीन पांडुलिपियों एवं ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन एवं डिजिटलीकरण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने इस मिशन को जन-आंदोलन के रूप में संचालित करने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पहचान कर उन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन ने मिशन के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि इस कार्य को सुगमता से संपन्न करने हेतु ज्ञान भारतम् ऐप का उपयोग किया जाना अनिवार्य है. उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं मुखियाओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस ऐप को डाउनलोड कर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पांडुलिपियों का विवरण, छायाचित्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी ऐप के माध्यम से अपलोड करें. बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों को इस मिशन से जोड़ने का प्रयास किया जाय, ताकि अधिकाधिक लोग अपने पास उपलब्ध प्राचीन धरोहरों की जानकारी साझा कर सकें. इसके साथ ही, सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाय एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जाय. अंत में, डीडीसी सुमित कुमार ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से अपेक्षा किया कि वे इस मिशन को सफल बनाने के लिए समर्पण एवं सक्रियता के साथ कार्य करें, ताकि जिले की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित एवं संरक्षित किया जा सके.

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प्रशासनिक भवन में गुरुवार से प्रगणकों की परीक्षण हुआ शुरू

-दो अलग-अलग शिफ्ट में दिया गया प्रशिक्षण

-220 प्रगणक एवं 36 सुपरवाइजर को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

-24 अप्रैल तक छह बैच को मिलेगा प्रशिक्षण, दो बैच के लिए तीन दिन का है प्रशिक्षण

प्रतिनिधि, लखीसराय. शहर के केआरके मैदान स्थित प्रशासनिक भवन के ग्राउंड एवं फर्स्ट फ्लोर पर दो अलग-अलग बैच में प्रगणक एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण शिविर में नप ईओ प्रभात रंजन के नेतृत्व में गुरुवार एवं शुक्रवार को दो बैच के 43 प्रगणक एवं सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया गया. शनिवार को दोनों बैच को अंतिम प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान डीएम नीरज कुमार के द्वारा निरीक्षण किया गया. प्रशिक्षण प्रवेंदू कुमार, अविनाश कुमार, सौरभ कुमार समेत चार मास्टर ट्रेनर द्वारा दिया गया. शहर के जनगणना 210 प्रगणकों द्वारा किया जायेगा. 210 प्रगणकों पर 36 सुपरवाइजर होंगे, प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को मकान की गणना करने की पूर्ण जानकारी एवं एक वार्ड में कितने प्रगणक होंगे इसकी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण कार्य के साथ-साथ प्रगणक शिक्षकों को विद्यालय भी जाना होगा. सभी छह टीम को तीन दिनों तक प्रशिक्षण लेना है, 24 अप्रैल तक प्रशिक्षण कार्यक्रम किया जायेगा. दो मई से 31 मई तक मकान का जनगणना कार्य किया जायेगा. दूसरा टीम दो बैच का 19 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा. जिसे भी तीन दिन तक लगातार प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान टाउन प्लानर डॉ प्रवीण कुमार, वरीय शिक्षक विजय कुमार दास, संतोष कुमार, प्रधान लिपिक अवध कुमार समेत अन्य नप कर्मी मौजूद थे.

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