शाम ढलते ही शहर के मुख्य सड़क पर छा जाता है अंधेरा

शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है लखीसराय, दो साल से सिर्फ स्ट्रीट लाइट की चर्चा

लखीसराय शहर में शाम ढलते ही मुख्य सड़क से लेकर मोहल्लों की गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं. पिछले दो वर्षों से स्ट्रीट लाइट और एलईडी लगाने की योजना चर्चा में है, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है. इससे लोगों, खासकर महिलाओं और युवतियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

स्ट्रीट लाइट के इंतजार में शहर, अंधेरे से बढ़ रही लोगों की परेशानी

लखीसराय: शहर की सड़कों पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है. मुख्य मार्गों के साथ-साथ कई मोहल्लों की गलियों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. संतर मोहल्ला, नया टोला और पंजाबी मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में अंधेरा होने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाएं और युवतियां अंधेरा होने के बाद घर से निकलने से कतराती हैं, जबकि वाहन चालकों को भी सड़क पर चलने में परेशानी होती है.

तिरंगा लाइट बनी शोभा की वस्तु

शहर के मुख्य और संपर्क मार्गों पर लगाए गए तिरंगा लाइटों से भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है. अधिकांश तिरंगा लाइट खराब पड़े हुए हैं और केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लाइटों को छोड़कर अधिकांश लंबे समय से बंद हैं. लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी को दी गई थी, लेकिन अब तक खराब लाइटों की मरम्मत नहीं हो सकी है.

50 करोड़ की योजना अब भी अधर में

नगर परिषद क्षेत्र के 33 वार्डों में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से 6,000 स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान किया गया है. जनवरी 2025 से सर्वेक्षण कार्य शुरू किया गया था. अब तक 22 वार्डों का सर्वे पूरा हो चुका है, जहां 4,200 स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. शेष 11 वार्डों में सर्वे कार्य अभी बाकी है. वार्ड पार्षद और सफाई पर्यवेक्षकों द्वारा लाइट लगाने के स्थान भी चिह्नित किए जा चुके हैं, लेकिन योजना के क्रियान्वयन की तिथि अब तक तय नहीं हो पाई है.

बोले अधिकारी

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि फिलहाल विभिन्न योजनाओं को पूरा करने के लिए संबंधित मद में राशि की कमी है. राशि उपलब्ध होते ही स्ट्रीट लाइट योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि खराब तिरंगा लाइटों की मरम्मत के लिए एजेंसी को निर्देश दिया गया है. यदि एजेंसी निर्धारित समय में लाइटों को ठीक नहीं करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

शहरवासियों को अब उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित स्ट्रीट लाइट योजना जल्द धरातल पर उतरेगी और शहर की सड़कों व गलियों को अंधेरे से मुक्ति मिलेगी.B

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