लखीसराय जिले में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच कड़क धूप निकलने से लोगों को भारी उमस और चिपचिपाहट भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार की सुबह भी तीखी धूप के साथ शुरू हुई, जिससे तापमान में तो सामान्य स्थिति है, लेकिन उमस ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रखा है.
बारिश का पैटर्न बरकरार, पर कम वर्षा के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 8 से 11 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश वाला पैटर्न बना हुआ है. इस दौरान हवा धीमी गति से चलेगी और दिन में किसी भी समय हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है. मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है. हालांकि, बादलों के बावजूद तेज धूप के कारण उमस से राहत नहीं मिल पा रही है.
केवीके वैज्ञानिकों की किसानों को महत्वपूर्ण सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हलसी के वैज्ञानिक सुभाष चंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना काफी कम है. इसे देखते हुए उन्होंने धान उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में पानी सूख गया है, वहां फसल को बचाने के लिए नहर, आहर और समरसेबल बोरिंग के जरिए अविलंब पटवन शुरू कर दें, ताकि पौधों को नमी की कमी न हो.
सब्जी की खेती के लिए अनुकूल मौसम
वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान मौसम सब्जियों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे सब्जी की फसलों में खरपतवार नियंत्रण के लिए निकौनी (निराई-गुड़ाई) करें. इसके साथ ही पौधों के समुचित विकास और बेहतर पैदावार के लिए समय-समय पर आवश्यकतानुसार पोटाश और यूरिया जैसे उर्वरकों का प्रयोग करते रहें.
