लखीसराय. राज्य के अन्य जिलों के साथ लखीसराय में भी गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा. राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार, पटना के निर्देश पर "जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान एक सितंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा. अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे. इसके साथ ही लोगों को आवश्यक परामर्श, दवा वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी. जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण या जोखिम पाए जाने पर उसे नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में आवश्यक जांच और उपचार के लिए भेजा जायेगा.
वर्चुअल बैठक में अभियान की सफलता को लेकर दिए गए निर्देश
अभियान की सफलता और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के वरीय पदाधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. सदर अस्पताल स्थित कमांड एंड कंट्रोल रूम में आयोजित वर्चुअल बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जेपी सिंह शामिल हुए. बैठक में अभियान के संचालन, स्क्रीनिंग व्यवस्था और लक्षित लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई.
मधुमेह से लेकर कैंसर तक की होगी समय पर पहचान
सिविल सर्जन डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान कर लोगों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना और बीमारियों के जोखिम कारकों को कम करना है. अभियान के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय के मुख का कैंसर, हृदय रोग, गैर-अल्कोहलिक वसायुक्त यकृत रोग तथा दीर्घकालिक अवरोधक फेफड़ा रोग की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.उन्होंने बताया कि समय रहते बीमारी की पहचान और उपचार से गंभीर जटिलताओं तथा गैर-संचारी रोगों से होने वाली असामयिक मौतों में कमी लाना अभियान का प्रमुख लक्ष्य है.
स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध होंगी कई महत्वपूर्ण जांच
अभियान के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को कई महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी. इनमें पूर्ण रक्त जांच, रक्त शर्करा जांच, तीन माह की औसत रक्त शर्करा की जांच यानी HbA1c, रक्त में वसा की जांच, यकृत कार्य जांच और गुर्दा कार्य जांच शामिल हैं. इसके अलावा 24 घंटे के मूत्र में प्रोटीन की जांच, ईसीजी, पैप स्मीयर, बायोप्सी, विटामिन-डी, विटामिन-बी12, टी-3, टी-4 और टीएसएच सहित अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जायेंगी.
घर-घर स्क्रीनिंग में आशा कार्यकर्ताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान को गांव और समुदाय स्तर तक सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. स्वास्थ्यकर्मी लोगों तक पहुंचकर उन्हें गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगे और आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करेंगे.अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी की पहचान करना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर स्वास्थ्य संस्थान से जोड़कर उचित परामर्श और उपचार उपलब्ध कराना भी है.
महत्वपूर्ण बैठक में एनसीडीओ की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
इधर, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और तीन माह तक चलने वाले इस व्यापक अभियान को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में एनसीडीओ डॉ. संजय कुमार की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही.
अभियान की व्यापकता और गैर-संचारी रोगों से संबंधित विभागीय जिम्मेदारियों को देखते हुए उनकी अनुपस्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि अभियान के संचालन और तैयारियों को लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
तीन महीने तक चलेगा अभियान, समय पर जांच कराने की अपील
एक सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर गैर-संचारी रोगों की समय रहते पहचान करना है. विभाग ने लोगों से अपील की है कि स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क करने पर जांच और परामर्श में सहयोग करें तथा आवश्यकता होने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें.
