राष्ट्रीय मंच पर बड़हिया का मान बढ़ा रहे शिक्षक चंदन कुमार सीसीआरटी के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित

नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या तीन निवासी एवं घोसवरी के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक चंदन कुमार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समर्पण, रचनात्मकता और नवाचार के बल पर कोई भी शिक्षक राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकता है.

बड़हिया. नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या तीन निवासी एवं घोसवरी के एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक चंदन कुमार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समर्पण, रचनात्मकता और नवाचार के बल पर कोई भी शिक्षक राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकता है. उन्हें नयी दिल्ली स्थित सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) द्वारा आयोजित विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चयनित किया गया है. यह प्रशिक्षण आगामी 3 जुलाई से 17 जुलाई तक द्वारका सेक्टर-7 स्थित सीसीआरटी मुख्यालय में आयोजित किया जायेगा. चंदन कुमार वर्तमान में पटना जिला के मोकामा प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय, अस्ताबाद (तारतर), घोसवरी में कार्यरत हैं. उनके कार्यों में सबसे खास बात यह मानी जाती है कि वे शिक्षा को पुस्तकीय ढांचे से बाहर निकालकर बच्चों तक खेल-खेल में सरल और रूचिकर ढंग से पहुंचाते हैं. बच्चों में रचनात्मकता और सोचने की क्षमता विकसित करने को प्राथमिकता देने वाले चंदन अपने विद्यालय में विज्ञान, कला, संगीत व खेल को शिक्षा से जोड़ते हुए एक समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रहे हैं. उनकी इसी नवाचारी शैली और शैक्षणिक सक्रियता के आधार पर सीसीआरटी ने उन्हें अपने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया है. इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भारतीय संस्कृति, सहशैक्षणिक गतिविधियां, लोक परंपराएं, शैक्षणिक नवाचार, शिल्प, चित्रकला, संगीत, नाटक आदि विषयों से गहराई से अवगत कराया जायेगा. इसका उद्देश्य शिक्षकों को पारंपरिक और आधुनिक पद्धतियों का समावेश करते हुए शिक्षण को अधिक प्रभावी और आनंददायक बनाना है. सीसीआरटी, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन संचालित एक प्रमुख संस्थान है, जो देशभर के चयनित शिक्षकों को हरवर्ष प्रशिक्षण देकर शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और संस्कृति का समन्वय स्थापित करने का कार्य करता है. चंदन कुमार के इस चयन पर न केवल उनके विद्यालय और सहकर्मियों में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे बड़हिया नगर में गर्व की भावना देखी जा रही है. स्थानीय लोगों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है और अन्य शिक्षकों व युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी.

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