लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट :
परिवार नियोजन योजना में शामिल दोनों साधन (स्थायी और अस्थायी) पूरी तरह सुरक्षित, काफी कारगर व प्रभावी हैं. इसलिए, सुविधानुसार दोनों में से कोई भी साधन को बेहिचक अपना सकते हैं. खासकर ऐसे महिला, जो परिवार नियोजन के स्थायी साधन को अपनाने के लिए तैयार और इच्छुक हैं, किन्तु, उसका शरीर ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है, वह बेहिचक अस्थायी साधन अपना सकती हैं. अस्थायी साधन भी स्थायी साधन की तरह ना केवल कारगर है बल्कि, काफी सुरक्षित और प्रभावी भी है. इसलिए, परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए इच्छुक और योग्य महिलाएं दोनों में से कोई भी साधन को अपना सकती हैं.उप स्वास्थ्य केंद्र समेत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है अस्थाई साधन की व्यवस्था :
जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कि परिवार नियोजन के दोनों साधन पूरी तरह सुरक्षित और काफी प्रभावी हैं. इसलिए, इच्छुक और योग्य महिलाएँ बेहिचक किसी भी साधन को अपना सकती हैं. जिले के सभी स्वास्थ्य उप केंद्र से लेकर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अस्थायी साधन की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है जबकि, पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल में दोनों (स्थायी और अस्थायी) साधन उपलब्ध हैं. इसलिए, जो भी योग्य और सक्षम इच्छुक लाभार्थी अस्थाई साधन को अपनाना चाहते हैं, वह अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान जाकर उपलब्ध सुविधा लाभ प्राप्त कर सकते हैं. संबंधित क्षेत्र की एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा योग्य और इच्छुक लाभार्थियों को जागरूक भी किया जाता है. अपने नजदीकी जीविका सदस्य से भी परिवार नियोजन साधन के लिए संपर्क कर सकती हैं .
गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीने के लिए परिवार नियोजन साधन अपनाना बेहद जरूरी :
समाज के हर तबके के सभी परिवार को गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जीने के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाना बेहद जरूरी है. हम तभी गुणवत्तापूर्ण जिंदगी जी सकते और बच्चे को उचित परवरिश व अच्छी शिक्षा दे सकते हैं, जब हमारा परिवार छोटा और सीमित होगा. छोटा और सीमित परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधन को अपनाना सबसे पहली नींव है. वहीं, उन्होंने बताया, इसको लेकर सरकार द्वारा तमाम गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को जागरूक भी किया जाता है.लाभार्थियों को सरकार द्वारा दी जाती है प्रोत्साहन राशि :
परिवार नियोजन की स्थायी साधन अपनाने वाली लाभार्थियों को सरकार द्वारा ना सिर्फ सभी प्रकार की निशुल्क सुविधा की व्यवस्था की गयी बल्कि, प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है. जिसमें प्रसव के उपरांत एक सप्ताह के अंदर इस साधन को अपनाने पर तीन हजार एवं इसके बाद अपनाने पर दो हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. जबकि, पुरुष नसबंदी कराने पर तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
