Bihar: ममता हुई शर्मसार, 8 माह के दुधमुंहे बच्चे को मां ने बेचा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Bihar: बिहार के लखीसराय में पुलिस ने बेहद चौंकाने वाले मामला का खुलासा किया है. यहां एक महिला ने महज एक लाख रुपये के लिए अपने आठ माह के दुधमुंहे बच्चे को बेच दिया.

Bihar: एक मां ने महज एक लाख रुपये के लिए अपने जिगर के टुकड़े आठ माह के दुधमुंहे बच्चे को किसी अन्य महिला को बेच दिया. मामले का खुलासा तब हुआ जब बिचौलिया से राशि नहीं मिलने के बाद बच्चों की मां नेहा देवी अलीनगर गांव के पास रोती हुई पायी गयी. बच्चे की मां नेहा देवी शेखपुरा जिले के अरियरी थाना अंतर्गत कैमरा गांव के रहने वाले राजेश सिंह की पत्नी है. दो दिसंबर को सूर्यगढ़ा थाना की डायल 112 पुलिस द्वारा महिला को सूर्यगढ़ा थाना लाया गया. इसके दो दिन के बाद चार दिसंबर को बच्चे के पिता राजेश सिंह द्वारा सूर्यगढ़ा थाना में अपने आठ माह के पुत्र को गायब कर देने की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.

बच्चों की खरीद बिक्री का है मामला

पुलिस ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए राजगीर के जयंती होटल से शुक्रवार और शनिवार के बीच रात बच्चे के साथ उसे खरीदने वाली महिला बबीता देवी और उसके साथ बिलौरी निवासी रामजी यादव के पुत्र धर्मेंद्र कुमार को हिरासत में लेकर सूर्यगढ़ा थाना ले आयी. थानाध्यक्ष भगवान राम ने बताया कि मामला बच्चे की खरीद-बिक्री से जुड़ा है. आनंदपुर गांव के रहने वाले राजनाथ यादव के पुत्र शिवनाथ यादव ने बच्चे की मां नेहा देवी के सहमति से लखीसराय नया बाजार की रहने वाली बबीता देवी के साथ बच्चे का सौदा किया था.

बच्चा देने की एवज में शिवनाथ यादव ने बबीता देवी से दो लाख रुपये की मांग की. इसके बाद शिवनाथ यादव ने डेढ़ लाख रुपये में बच्चे का सौदा बबीता देवी के साथ किया. बबीता देवी ने शिवनाथ यादव को डेढ़ लाख रुपये देकर बच्चा ले लिया. शिवनाथ यादव ने बच्चे की मां नेहा देवी को एक लाख रुपये में बच्चा बेचने की बात कही, लेकिन शिवनाथ यादव नेहा देवी को बच्चे के एवज में एक रुपया भी नहीं दिया. राशि नहीं मिलने के बाद नेहा देवी विचलित हो गयी और बच्चे के अपहरण की मनगढ़ंत कहानी रच दी.

बच्चे को बेचने और खरीदने वाली मां को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सूर्यगढ़ा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बच्चा बेचने के आरोप में राजेश सिंह की पत्नी नेहा देवी को और बच्चा खरीदने के आरोप में अजय कुमार की पत्नी बबीता देवी को गिरफ्तार कर लिया. जिसे पेशी के लिए लखीसराय कोर्ट भेज दिया गया. थानाध्यक्ष भगवान राम ने प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में शिवनाथ यादव के साथ बिलौरी गांव के रहने वाले राम जी यादव के पुत्र धर्मेंद्र कुमार उर्फ राजेश कुमार भी दोषी पाया गया. धर्मेंद्र कुमार, शिवनाथ यादव एवं बबीता देवी के बीच बिचौलिया का काम कर रहा था. पुलिस के मुताबिक जब राजगीर में जयंती होटल में छापेमारी की गयी तो एक कमरे में धर्मेंद्र बबीता देवी के साथ पाया गया. बच्चा बबीता देवी के पास था. पुलिस के मुताबिक फिलहाल धर्मेंद्र कुमार को पीआर बांड बनवाकर छोड़ गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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