लखीसराय जिले के बड़हिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक भयावह रेल हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया. प्रतियोगी परीक्षा देकर लौट रहे परीक्षार्थियों और यात्रियों की भारी भीड़ दो पटरियों के बीच गुजर रही ट्रेनों के जाल में फंस गई. इस घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे प्रशासन के सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के दावों की पोल खोल दी है.
पटरियों के बीच मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को स्टेशन पर अचानक छात्रों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा था:
- ट्रैक क्रॉसिंग बनी वजह: प्लेटफॉर्म संख्या-3 की लूप लाइन पर धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पहले से खड़ी थी. अत्यधिक भीड़ होने के कारण यात्रियों ने फुट ओवरब्रिज (FOB) का उपयोग करने के बजाय सीधे ट्रैक पार करके प्लेटफॉर्म बदलना शुरू कर दिया.
- दोनों तरफ से आ गईं ट्रेनें: उसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-2 की थ्रू लाइन से तेज रफ्तार 'गुरुमुखी एक्सप्रेस' गुजरी और दूसरी तरफ प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर 'पटना-जसीडीह लोकल ईएमयू' के आने की घोषणा हो गई.
- वायरल वीडियो में दिखी दहशत: दोनों तरफ से ट्रेनों की आवाजाही शुरू होते ही पटरियों पर मौजूद सैकड़ों परीक्षार्थियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. वायरल वीडियो में यात्री अपनी जान बचाने के लिए पटरियों के बीच और ट्रेनों के समानांतर खड़े व भागते नजर आ रहे हैं.
गनीमत यह रही कि समय रहते यात्री सतर्क हो गए और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन जरा सी चूक एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी.
आरपीएफ और जीआरपी की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने स्टेशन पर रेलवे के सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है:
प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल: स्टेशन पर प्रतियोगी परीक्षा के चलते परीक्षार्थियों की भारी भीड़ की पूर्व सूचना थी. इसके बावजूद यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करने से रोकने के लिए आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) या रेलकर्मियों की पर्याप्त तैनाती नहीं की गई थी.
