बड़हिया की मणिमाला देवी की भगदड़ में मौत, बेटी घायल, शव पहुंचते ही मचा कोहराम

सावन की तीसरी सोमवारी पर अशोक धाम में जलाभिषेक के दौरान हुई भगदड़ में मणिमाला देवी की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में उनकी बेटी भी घायल हो गई। घटना के बाद प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

Ashok Dham Stampede: बड़हिया (लखीसराय). सावन की तीसरी सोमवारी पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने अशोक धाम पहुंची बड़हिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 12, टोला इंद्र निवासी मणिमाला देवी की भगदड़ में मौत हो गई. हादसे में उनकी बेटी पल्लवी कुमारी भी आंशिक रूप से घायल हुई हैं. घटना की खबर मिलते ही पूरे बड़हिया में शोक की लहर दौड़ गई.

चारों सोमवारी जल चढ़ाने का था संकल्प

मृतका मणिमाला देवी निरंजन कुमार सिंह की पत्नी थीं. परिजनों के अनुसार वह सोमवार की अहले सुबह अपनी बेटी पल्लवी कुमारी के साथ इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोक धाम पहुंची थीं. उन्होंने सावन की पहली और दूसरी सोमवारी को भी बाबा का जलाभिषेक किया था. उनका संकल्प था कि सावन की चारों सोमवारी को भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगी. इसी श्रद्धा के साथ वह तीसरी सोमवारी को भी बेटी के साथ मंदिर पहुंची थीं.

दो ट्रेनों के रुकने के बाद बढ़ी भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी. मां-बेटी भी अन्य श्रद्धालुओं के साथ कतार में खड़ी थीं. इसी बीच अशोक धाम हॉल्ट पर दो ट्रेनों के रुकने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उतर गए. अचानक कतार के आसपास भीड़ बढ़ने से अफरातफरी की स्थिति बन गई और कतार में आगे बढ़ने की होड़ मच गई.

भीड़ के दबाव में गिर गईं मणिमाला देवी

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ के दबाव में मणिमाला देवी सड़क किनारे गिर गईं. इसके बाद वह भीड़ के पैरों के नीचे दब गईं. हादसे में मौके पर ही उनकी मौत हो गई. उनकी बेटी पल्लवी कुमारी भी इस दौरान घायल हो गईं.

सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने की मौत की पुष्टि

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. घायलों और मृतकों को लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मणिमाला देवी समेत कई महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की. घटना के बाद प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव की कार्रवाई की गई.

शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

मणिमाला देवी अपने पीछे पति निरंजन कुमार सिंह और दो बच्चों को छोड़ गई हैं. उनका बड़ा पुत्र अंकित कुमार पंजाब में रहकर जीएनएम का कोर्स कर रहा है. मां की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. पोस्टमार्टम के बाद सरकारी एंबुलेंस से शव बड़हिया स्थित पैतृक आवास लाया गया. शव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

प्रशासन की व्यवस्था पर परिजनों ने उठाए सवाल

पीड़ित परिजनों ने हादसे के लिए प्रशासन की बदइंतजामी को जिम्मेदार ठहराया है. मृतका के पति निरंजन कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने कहा कि परिवार को अब बेटे अंकित के आने का इंतजार है. मृतका का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा.

शोक जताने पहुंच रहे लोग

Ashok Dham Stampede: घटना के बाद मणिमाला देवी के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है. शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >