हत्या के मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने अगले आदेश तक लगायी रोक

जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत वलीपुर पंचायत के मुखिया चंदन कुमार सहित दोहरे हत्याकांड में गुरुवार को प्रधान जिला जज की अदालत ने घटना के मुख्य साजिशकर्ता शिवम भारद्वाज उर्फ गोलू बाबू की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है

मुखिया-वार्ड सदस्य पुत्र हत्याकांड : 16 दिन से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कर रही थी माथापच्ची

17 जून की रात अपराधियों ने मुखिया चंदन कुमार सहित दो लोगों की गोली मारकर कर दी थी हत्या

लखीसराय.

जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत वलीपुर पंचायत के मुखिया चंदन कुमार सहित दोहरे हत्याकांड में गुरुवार को प्रधान जिला जज की अदालत ने घटना के मुख्य साजिशकर्ता शिवम भारद्वाज उर्फ गोलू बाबू की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. मामले में अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी है. बता दें कि मामले के एक अन्य अप्राथमिकी आरोपी विकास भारद्वाज ने भी कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर रखी है. जिसकी सुनवाई भी सात जुलाई को ही होनी है. मामले में कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी की भी मांग की है. गोलू बाबू की ओर से पटना के अधिवक्ता नरेश दीक्षित के साथ ही स्थानीय वरीय अधिवक्ता रामविलास शर्मा एवं अंगद कुमार ने तथा अभियोजन पक्ष से लोक अभियोजक कुमारी बबीता ने बहस में हिस्सा लिया. बता दें कि विगत 17 जून की रात एक श्राद्ध भोज खाकर लौट रहे वलीपुर पंचायत के मुखिया चंदन कुमार उर्फ डोमू सिंह व वार्ड सदस्य के पुत्र चंदन कुमार की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. मामले में पुलिस ने दो दिन बाद ही एक शूटर सहित दो लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शहर के महादेव सिनेमा के मालिक शिवम भारद्वाज उर्फ गोलू बाबू को आगे किया था. जिसके बाद विगत 27 जून को पुलिस ने कोर्ट से गोलू बाबू सहित साजिश के सहयोगी के साथ मुखिया की पत्नी पल्लवी कुमारी द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के आधा दर्जन नामजद आरोपियों सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया था. इसके बाद पुलिस अब सभी आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंटी प्राप्त करने का प्रयास कर रही थी. इसी बीच गुरुवार को प्रधान जिला जज के अदालत में सुनवाई के दौरान कोर्ट द्वारा अगले आदेश तक गोलू बाबू की गिरफ्तारी पर रोक लगा कर उन्हें थोड़ी राहत प्रदान कर दी. बहस के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने मुकदमा और पुलिस अनुसंधान में दर्जन भर खामियां बताते हुए अभियोजन पर सवाल उठाया था. मुकदमा देरी से करने का विश्वसनीय कारण, मृतक चंदन के भाई का आवेदन पर सनहा अंकित करना, मृतक का आपराधिक इतिहास होना सहित कई अन्य कारण बताया. इधर, गोलू बाबू की गिरफ्तारी पर रोक लगने से लखीसराय की राजनीति फिर से गरमा गयी है.

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