लखीसराय. अशोकधाम मंदिर में सोमवारी के दिन हुए हादसे में आठवें श्रद्धालु की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने इस हादसे को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है. भाकपा नेता सह अधिवक्ता रजनीश कुमार ने कहा है कि अगर हादसे के बाद गठित जांच केवल अधिकारियों को बचाने की औपचारिकता बनकर रह गई, तो मृतकों के परिजनों को न्याय नहीं मिल पायेगा. पार्टी ने कहा कि प्रशासनिक अक्षमता, वीआईपी कल्चर, भीड़ प्रबंधन की विफलता और दूरदर्शिता के अभाव ने इस त्रासदी को और गंभीर बनाया है. भाकपा ने आरोप लगाया कि जिम्मेदारी तय करने के बजाय प्रशासन भीड़ और श्रद्धालुओं पर ही दोष मढ़ने में जुटा है, जिसे अपनी जवाबदेही से बचने का प्रयास माना जायेगा.
बिजली पोल और ट्रस्ट की वित्तीय जांच की मांग पार्टी ने दो अन्य बिंदुओं पर भी स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है. पहला, लखीसराय शहर और आसपास में विद्युत पोल गाड़ने और बिजली तार लगाने के कार्य में कथित अनियमितता का मामला. भाकपा ने कहा कि इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच होनी चाहिए कि कार्य किस मानक, किस एजेंसी और किस स्वीकृत योजना के तहत कराया गया और उसमें गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं. दूसरा, अशोकधाम ट्रस्ट की गतिविधियों की जांच. भाकपा ने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय स्रोतों, चढ़ावे, दान और धार्मिक आयोजनों से होने वाली आय-व्यय की पूर्ण पारदर्शी और स्वतंत्र वित्तीय जांच होनी चाहिए. पार्टी ने आरोप लगाया कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच न होने से गंभीर संदेह पैदा होते हैं. यदि किसी स्तर पर धार्मिक संस्था का इस्तेमाल अवैध धन को वैध दिखाने या धनशोधन के लिए हुआ है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो. भाकपा ने कहा कि जांच टीम में ऐसे किसी अधिकारी या व्यक्ति को शामिल करना उचित नहीं है, जिसकी भूमिका स्वयं जांच के घेरे में हो.
भाकपा की रखी गयी 7 प्रमुख मांगें पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि हादसे की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाय. मृत श्रद्धालुओं के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाय. सभी घायलों को कम से कम 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए और बेहतर इलाज की व्यवस्था हो. हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई हो. लखीसराय में विद्युत पोल एवं तार लगाने के कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच हो. अशोकधाम ट्रस्ट की आय-व्यय, चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र जांच हो. भविष्य में धार्मिक आयोजनों में वीआईपी व्यवस्था के नाम पर आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा से समझौता न किया जाय. भाकपा ने कहा कि सरकार की असली परीक्षा जांच समिति बनाने में नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई करने में है. मृतकों के परिवारों को न्याय और घायलों को सम्मानजनक सहायता दिए बिना किसी भी जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया जायेगा.
