लखीसराय के श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) परिसर में हुई भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है. सदर अस्पताल में आपातकालीन स्थिति के दौरान वरीय चिकित्सकों की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मृतक के शव को बाहर रखने जैसी घोर लापरवाही से आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर लखीसराय-रामगढ़ चौक मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके कारण घंटों तक यातायात ठप रहा.
शव सड़क पर रख किया प्रदर्शन, वाहनों की लगी कतारें
सदर अस्पताल में हुई लापरवाही और बदसलूकी से आहत मृतकों के परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. आक्रोशित लोगों ने हादसे में जान गंवाने वाले एक श्रद्धालु के शव को सदर अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर रख दिया और लखीसराय-रामगढ़ चौक मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की. इस अचानक हुए सड़क जाम की वजह से मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम यात्रियों और राहगीरों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा.
पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुए परिजन
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कवैया थानाध्यक्ष रणधीर कुमार और तेतरहाट थानाध्यक्ष इलू उपाध्याय पुलिस बल के साथ फौरन मौके पर पहुंचे. दोनों थानाध्यक्षों ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने की कोशिश की और उनके साथ काफी देर तक बातचीत की. पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का पक्का भरोसा दिलाया.
जाम हटने के बाद बहाल हुआ यातायात
पुलिस अधिकारियों द्वारा काफी समझाने-बुझाने और ठोस आश्वासन मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ. परिजनों की सहमति के बाद सड़क से शव को हटाया गया और जाम को समाप्त किया गया. जाम हटने के बाद लखीसराय-रामगढ़ चौक मार्ग पर रुके हुए वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू हो पाया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य हो सकी.
