'बिहार के देवघर' के नाम से सुप्रसिद्ध लखीसराय स्थित श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोक धाम में पवित्र श्रावण मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला. अहले सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. पूरे मंदिर परिसर से लेकर आसपास का इलाका 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयकारों से शिवमय हो उठा.
तड़के पट खुलते ही शुरू हुआ जलाभिषेक
भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए रविवार की देर रात से ही दूर-दराज से आए श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटने लगे थे. तड़के प्रशासनिक देखरेख में जैसे ही मंदिर के मुख्य कपाट खोले गए, दर्शन-पूजन का दौर शुरू हो गया. कतारबद्ध होकर श्रद्धालु बाबा इंद्रदमनेश्वर महादेव पर पवित्र गंगाजल, दूध, बेलपत्र, भांग, मदार और धतूरा अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की मनोकामना करते दिखे.
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए लखीसराय जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सुरक्षा व व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे:
- महिला-पुरुष के लिए अलग कतारें: भीड़ को नियंत्रित और अनुशासित रखने के लिए बांस-बल्लों से मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए पृथक लेन बनाई गई.
- CCTV और पुलिस बल: संपूर्ण मंदिर प्रांगण में पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई थी, जबकि नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही थी.
- पेयजल व स्वास्थ्य सुविधाएं: भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए परिसर में जगह-जगह शीतल पेयजल, शेड (छाया) और त्वरित चिकित्सा हेतु आपातकालीन मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया.
डीएम ने प्रशासनिक व्यवस्था का लिया जायजा
भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेने के लिए सुबह से ही लखीसराय के जिलाधिकारी (DM) शैलेंद्र कुमार समेत अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मंदिर परिसर में मौजूद रहे और व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए. अशोक धाम में लखीसराय के अतिरिक्त मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, पटना तथा पड़ोसी राज्य झारखंड से भी हजारों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंचे, जहां जलाभिषेक का यह पावन सिलसिला देर शाम तक निरंतर चलता रहा.
