बिहार के देवघर के रूप में प्रसिद्ध लखीसराय के ऐतिहासिक अशोक धाम मंदिर (श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव) में सावन की पहली सोमवारी पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हालांकि नाग पंचमी का योग होने के कारण तड़के सुबह भीड़ थोड़ी कम रही, लेकिन दिन निकलने के साथ ही श्रद्धालुओं की कतारें लंबी होती गईं. सुबह 9 बजे तक ही 35 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर चुके थे.
कतारबद्ध दर्शन के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था
श्रावणी मेले और सोमवारी की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति पूरी तरह सतर्क नजर आए:
- सुगम दर्शन: दक्षिण द्वार से लेकर वेद विद्यालय तक श्रद्धालुओं को अनुशासित कतारों में लगाने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी.
- सहज आवागमन: नाग पंचमी होने के कारण श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के तेजी से जलाभिषेक करने का अवसर मिला और किसी को भी ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ा.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, वाहनों के प्रवेश पर रोक
मेले में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा:
- अधिकारियों की निगरानी: पूरे सुरक्षा चक्र की कमान SDPO शिवम कुमार और SDO प्रभाकर कुमार संभालते नजर आए.
- वाहन पार्किंग व नो-एंट्री: बाईपास रोड स्थित बीएड कॉलेज के समीप और NH-80 पर अशोक धाम मोड़ स्थित लखीसराय संग्रहालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर गाड़ियों का प्रवेश रोक दिया गया. श्रद्धालुओं ने वाहनों को तय पार्किंग में खड़ा कर पैदल ही मंदिर की ओर रुख किया.
DM, DDC समेत वरीय अधिकारियों ने सपरिवार की पूजा-अर्चना
पहली सोमवारी के पावन अवसर पर आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया:
- जलाभिषेक: जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार और एसडीओ प्रभाकर कुमार ने सपरिवार श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक किया.
- व्यवस्थाओं का जायजा: पूजा के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार ने पूरे मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए.
स्वास्थ्य स्टॉल और शरबत-पेयजल की मुफ्त व्यवस्था
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए:
- मेडिकल कैंप: डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ स्टॉल लगाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं मुफ्त दी जा रही थीं.
- निःशुल्क सेवा: विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भीषण गर्मी और उमस से राहत देने के लिए जगह-जगह शुद्ध पेयजल और ठंडे शरबत के स्टॉल लगाए गए थे.
