गृह मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस पर दी पदोन्नति, कारगिल की जंग में दिखाया था अदम्य साहस
बड़हिया. लखीसराय जिले के बड़हिया प्रखंड की माटी ने एक बार फिर देश स्तर पर अपना परचम लहराया है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जांबाज अधिकारी अजीत कुमार को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं व वीरता के लिए उप महानिरीक्षक (डीआइजी) के पद पर प्रोन्नत किया गया है. गृह मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस महत्वपूर्ण पद की घोषणा की गयी. वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल के मालदा सेक्टर में तैनात हैं, जहां आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें डीआईजी रैंक के सितारों से विधिवत अलंकृत किया गया.
तीन दशक का बेदाग व साहसी सफर
वर्ष 1993 में बीएसएफ का हिस्सा बने अजीत कुमार ने अपने तीन दशक से अधिक के सेवाकाल में राष्ट्र की सीमाओं को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने पंजाब, गुजरात और राजस्थान जैसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी खुद को साबित किया है.
कारगिल की चोटियों से जैसलमेर की तपती रेत तक
अजीत कुमार की बहादुरी की कहानियां सीमा सुरक्षा बल के गलियारों में गर्व से सुनी जाती हैं. बताया जाता है कि कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर मोर्चा संभाला और अपनी रणकौशल से किसी भी एफटीएल पोस्ट को दुश्मन के कब्जे में जाने से रोके रखा. उन्होंने शून्य से 60 डिग्री नीचे के तापमान वाली बर्फीली चोटियों से लेकर जैसलमेर की 55 डिग्री वाली झुलसा देने वाली गर्मी में भी कर्तव्य को सर्वोपरि रखा. नक्सल प्रभावित इलाकों में ”एंटी नक्सल ऑपरेशन” व आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में ”एंटी मिलिटेंसी ऑपरेशन” का सफल नेतृत्व किया.
बड़हिया में जश्न का माहौल
अजीत कुमार बड़हिया नगर के वार्ड संख्या 14, टोला दुखहरन निवासी रामलखन सिंह के पुत्र हैं. एक असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले अजीत कुमार ने डिप्टी कमांडेंट, सेकेंड इन कमांड व कमांडेंट के पदों पर रहते हुए यह मुकाम हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है. स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि अजीत कुमार की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी.