हलसी के प्रतिनिधि के अनुसार
प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन में सोमवार को शारदीय खरीफ फसलों की उन्नत खेती एवं कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार को लेकर कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने तथा वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती करने की अपील की.प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र हलसी के वैज्ञानिक डॉ निशांत कुमार, डॉ रेणु कुमारी एवं डॉ सुनील कुमार ने किसानों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया. वैज्ञानिकों ने बताया कि बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए फसल प्रबंधन की नयी तकनीकों को अपनाना आवश्यक है. उन्होंने किसानों को जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं जैविक खेती के महत्व के बारे में भी जानकारी दी.
कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया. किसानों ने फसल उत्पादन, रोग नियंत्रण एवं सरकारी कृषि योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया. प्रशिक्षण में उपस्थित किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें खेती में नयी तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी.इस अवसर पर कृषि विभाग के कर्मी, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक बनाकर कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि करना था.
