लखीसराय से राजेश कुमार की रिपोर्ट :
लखीसराय में सोमवार को प्रशासनिक सादगी और पर्यावरण जागरूकता की एक अलग तस्वीर देखने को मिली. एडीएम नीरज कुमार ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपनी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया और पैदल ही कार्यालय पहुंचे. उनकी इस पहल को लोगों ने सराहा और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया.पीएम अपील का दिखने लगा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में ईंधन की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार लोगों से अपील की जा रही है. अब इसका असर प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है.सोमवार सुबह एडीएम नीरज कुमार अपने आवास से बिना किसी सरकारी काफिले के पैदल दफ्तर के लिए निकल पड़े. आमतौर पर सुरक्षा और सरकारी वाहनों के बीच नजर आने वाले अधिकारी को इस तरह पैदल चलते देख लोग आश्चर्यचकित रह गए.
लोगों ने कहा- ऐसी पहल जरूरी
रास्ते में जिसने भी एडीएम को पैदल चलते देखा, उसने उनकी इस सादगी और जागरूकता की सराहना की. कई लोगों ने कहा कि अगर अधिकारी खुद आगे बढ़कर ऐसे कदम उठाएंगे, तो आम जनता भी पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के प्रति अधिक जागरूक होगी.स्थानीय लोगों का मानना है कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव ला सकती हैं. बढ़ते प्रदूषण और ईंधन संकट के दौर में इस तरह की पहल समाज को सकारात्मक संदेश देती है.पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ रही जागरूकता
देशभर में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खुद उदाहरण पेश करना लोगों के बीच बेहतर संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है.एडीएम नीरज कुमार की यह पहल केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि सरकारी जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है.
