भाकपा कार्यालय में एटक जिला कमेटी की बैठक में लिया गया निर्णय
बैठक में एटक के राज्य महासचिव भी हुए शामिल
सूर्यगढ़ा. अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) जिला कमेटी–लखीसराय की बैठक रविवार को सूर्यगढ़ा भाकपा कार्यालय में आयोजित की गयी. जिसकी अध्यक्षता नागेश्वर यादव ने किया. बैठक में एटक के राज्य महासचिव अजय कुमार मुख्य रूप से शामिल हुए. बैठक में एटक के बैनर तले मजदूरों को गोल बंद कर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया गया तथा संगठन को और अधिक सुदृढ और प्रभावी बनाने के लिए जिला सम्मेलन आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया. बैठक को संबोधित करते हुए एटक के राज्य महासचिव ने मजदूरों के अधिकारों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि एटक सकारात्मक रूप से मजदूर संगठनों के नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है. पहले मजदूर से मनमाने तरीके से काम लिया जाता था. संघर्ष के बाद मजदूरों को 8 घंटा कार्य, 8 घंटा विश्राम, 8 घंटा सामाजिक सरोकार को कार्य रूप दिया गया. देश की आजादी में एटक की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने कहा कि 1990 के बाद निजीकरण का दौर शुरू हुआ. तब से मजदूरों का अधिकार लगातार छीना जा रहा है. चार लेबर कोड पर चर्चा करते हुए एटक राज्य महासचिव ने कहा कि यह मजदूर विरोधी है. अब सरकार फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट चल रही है. जिसके तहत मनमाने तरीके से कामगारों को काम से हटाने की आजादी है. उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लगातार कटौती हो रही है. उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है. बिना संघर्ष आप हक नहीं पा सकते हैं. हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होना होगा. बैठक को एटक के जिला महासचिव जनार्दन सिंह, भाकपा के राज्य नेता कॉ जितेंद्र कुमार, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सेवांजलि के महामंत्री विकास कुमार सहित अन्य ने संबोधित किया. मौके पर सुमित कुमार सिंह, शंकर सिंह, सीताराम सिंह उर्फ अमीन साहब, निर्माण कामगार प्रमोद महतो, महिला नेत्री अनीता देवी, भाकपा के सूर्यगढ़ा अंचल मंत्री कैलाश प्रसाद सिंह उर्फ इंजीनियर सहित कई लोग मौजूद रहे.
