न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
सूर्यगढ़ा : सूर्यगढ़ा बदलते मौसम में थोड़ी सी चूक होने पर बच्चे व बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. रविवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गयी व न्यूनतम तापमान लुढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. पिछले कुछ दिनों में ठंड में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है.
ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरत कर सर्दी के मौसम में होनेवाली बीमारियों से बच सकते हैं.
चिकित्सक डॉ उपेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती ठंड में नवजात व 10 वर्ष तक के बच्चों पर विशेष नजर रखनी चाहिए. ठंड लगने पर बच्चों को सर्दी व खांसी के अलावे सीने में कफ जमा होने लगता है. कफ से गले में खर्र-खर्र की आवाज के साथ सांस लेने में तकलीफ होती है.
क्या-क्या बरतें सावधानी
चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सुबह व शाम में अचानक ठंड बढ़ जाती है, लेकिन दोपहर के तापमान गरम होता है. ऐसे बदलते मौसम में रात हो या दिन पंखा एकदम नहीं चलायें. बच्चों को आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स व फ्रिज का पानी नहीं दें. बिना गरम कपड़े पहने घर से बाहर नहीं जानें दे. अगर थोड़ी सी तबीयत में बदलाव दिखे तो हल्का गरम पानी पीने को दें. इससे भी अगर हालात नहीं सुधरे तो चिकित्सक की सलाह लें. सर्दी के मौसम में बुजुर्ग दमा, ह्रदय से संबंधित रोग, फलू, हाइपोथर्मिया आदि बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं. तापमान में गिरावट, कोहरा, वाइरल इंफेक्शन से बुजुर्ग का सांस फूलने लगता है. खांसी व सिर दर्द बढ़ जाता है. रात में वे ठीक से सो नहीं पाते हैं. हर्ट एटैक का खतरा भी बढ़ जाता है.
सर्दी के मौसम में करें बचाव
चिकित्सक का कहना है कि सर्दी के मौसम में बुजुर्ग सुबह टहलने के लिए घर से सूर्य निकलने के बाद ही निकलें. गरम पानी से स्नान करें. गरम कपड़े पहन कर घर से निकलें. सिर व कान को जरूर बचाकर रखें. खाने में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें. साफ-सफाई व विशेष ध्यान रखें. पीने में हल्का गरम पानी का प्रयोग करें अगर पहले से कोई दवा ले रहे हैं तो उसे नियमित रूप से लें.
