हाथ नहीं आये मुठभेड़ में घायल नक्सली

लखीसराय : ले के तीन थाना क्षेत्र नक्सलियों के लिए सेफजोन बनता जा रहा है. जिसमें कजरा एवं पीरीबाजार थाना क्षेत्र नक्सलियों के लिए विशेष अरामगाह बन चुका है, हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर इस क्षेत्र में कांबिंग ऑपरेशन तो की जाती है लेकिन वह कांबिंग ऑपरेशन का इन पर कोई खास असर होता नहीं […]

लखीसराय : ले के तीन थाना क्षेत्र नक्सलियों के लिए सेफजोन बनता जा रहा है. जिसमें कजरा एवं पीरीबाजार थाना क्षेत्र नक्सलियों के लिए विशेष अरामगाह बन चुका है, हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर इस क्षेत्र में कांबिंग ऑपरेशन तो की जाती है लेकिन वह कांबिंग ऑपरेशन का इन पर कोई खास असर होता नहीं दिखता है. कांबिंग ऑपरेशन के दौरान जब भी पुलिस -नक्सलियों की मुठभेड़ होती है तो नक्सली तो पुलिस के हाथ आते नहीं बल्कि पुलिस को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. पुलिस द्वारा सिर्फ मुठभेड़ में नक्सलियों के मारे जाने या घायल होने की उम्मीद की जाती है

. विगत 10 अगस्त को भी कजरा थाना क्षेत्र के कानीमोह में पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में नवगछिया के एसटीएफ के जवान अजय मंडल शहीद हो गये थे. उस वक्त भी नक्सलियों की ओर से भी हताहत होने उम्मीद जतायी गयी थी लेकिन आज तक हताहत नक्सलियों की जानकारी नहीं मिल सकी.

मुठभेड़ में सिर्फ नक्सलियों के घायल होने की मिली है सूचना
विगत 10 अगस्त को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हुई थी एसटीएफ जवान की मौत
पुलिस की दबिश ढीली पड़ते ही नक्सलियों को बढ़ जाती है चहलकदमी

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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