सरकारी अस्पताल में ओपीडी में 37 प्रकार की दवा में मात्र 13 प्रकार की ही दवा उपलब्ध
लखीसराय : अप्रैल महीने के प्रारंभ से ही चल रही लू के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरवासी भी परेशान हैं. इसके कारण लू, डायरिया, कै, दस्त से लोग ग्रसित होकर सरकारी व प्राइवेट क्लिनिक में जा रहे हैं. परंतु स्वास्थ्य विभाग के लचर व्यवस्था के कारण सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार की मुक्कमल व्यवस्था नहीं है. आलम तो यह है कि उल्टी, कै, दस्त के रोगियों के लिये ओआरएस का घोल तक किसी भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है.
जिसके कारण मरीजों के परिजनों को दवा बाजार से खरीद कर लाना पड़ रहा है. सरकारी अस्पताल में ओपीडी में 37 प्रकार की दवा में मात्र 13 प्रकार की ही दवा उपलब्ध है. वहीं इमरजेंसी में 117 प्रकार दवाओं की जगह मात्र 33 प्रकार की दवा का ही वितरण किया जा रहा है.
जिसके कारण गरीब मरीज सरकारी अस्पताल में नहीं जाकर प्राइवेट क्लिनिक में इलाज करना बेहतर समझ रहे हैं. जबकि प्राइवेट क्लिनिक मरीजों का आर्थिक व शारीरिक दोहन धड़ल्ले से कर रहे हैं. मरीज अहिल्या देवी ने बताया कि हम लोग सरकारी अस्पताल पर दवा मिलने के कारण जाते थे लेकिन अब तो हालत यह है कि दवा के साथ साथ उपयुक्त चिकित्सक भी उपलब्ध नहीं है. जिसके कारण बेहतर चिकित्सक के कारण प्राइवेट क्लिनिक का शरण ले रहे हैं, ताकि जान बच सके.
क्या कहते हैं डीपीएम
डीपीएम मो खालिद हुसैन ने बताया कि दवा के लिये विभाग को लिखा गया है. जल्द ही दवा उपलब्ध करा दी जायेगी. वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा मुकेश कुमार ने बताया कि दवा के लिये कई बार विभाग को लिखा गया है. अप्रैल के अंत या मई के प्रारंभ में दवा उपलब्ध होने की संभावना है.
