फ्रॉड रोकने के लिए बैंक के पास नहीं है एजेंसी

हरी बत्ती नहीं जले, तो समझें गड़बड़ है लखीसराय : हाल के दिनों में एटीएम का चलन काफी बढ़ गया है. वैसे लोग भी एटीएम का इस्तेमाल कर रहे जिन्हें इनके विषय में जानकारी भी नहीं है. ऐसे में एटीएम से जालसाजी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है. ऐसे जालसाजों का गिरोह […]

हरी बत्ती नहीं जले, तो समझें गड़बड़ है

लखीसराय : हाल के दिनों में एटीएम का चलन काफी बढ़ गया है. वैसे लोग भी एटीएम का इस्तेमाल कर रहे जिन्हें इनके विषय में जानकारी भी नहीं है. ऐसे में एटीएम से जालसाजी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है. ऐसे जालसाजों का गिरोह सक्रिय हैं जो एटीएम बाधित कर दूसरों के खाते से रुपये उड़ा रहे हैं. इसके बाद पीड़ित को थाने या बैंक की चक्कर लगाना पड़ता है. इन सबके बावजूद राशि मिलने के आसार कम होता है. बैंकों के पास ऐसी कोई एजेंसी नहीं हे जो ऐसी घटनाओं को रोके.
जिले के ज्यादातर एटीएम में नहीं है प्राइवेसी
राष्ट्रीय व निजी बैंकों ने अपना एटीएम आउटसोर्स कर दिया है. एजेंसी को एटीएम लगाने, मकान मालिक से किराया तय करने, एटीएम की मरम्मति व उसमें पैसा डालने तक की जिम्मेवारी है. शहर में कई ऐसी जगह है जहां एक ही जगह दो एटीएम लगाया गया है. इससे प्राइवेसी को खतरा रहता है. लोग ट्रांजक्शन के साथ आस-पास नजर रखते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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