गहराया संकट . दर्जनों गांवों में जलस्तर में गिरावट, कुआं व चापाकल फेल

पहाड़ी क्षेत्र में टैंकर से जलापूर्ति भीषण गरमी में पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण जलमीनार से लोगों को नहीं मिल रहा पानी लखीसराय : भीषण गरमी में आम लोगों को पेयजल अमृत के समान है. वहीं लगभग 40 वर्षों से लाखों राशि से नर्मित बड़हिया नगर पंचायत में अवस्थित जलमीनार 40 हजार आबादी वाला […]

पहाड़ी क्षेत्र में टैंकर से जलापूर्ति

भीषण गरमी में पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण
जलमीनार से लोगों को नहीं मिल रहा पानी
लखीसराय : भीषण गरमी में आम लोगों को पेयजल अमृत के समान है. वहीं लगभग 40 वर्षों से लाखों राशि से नर्मित बड़हिया नगर पंचायत में अवस्थित जलमीनार 40 हजार आबादी वाला नगर वासियों को आज तक प्यास नहीं बुझा पायी है. नगरवासियों के प्रयास से उस समय के लखीसराय विधायक स्व यदुवंश प्रसाद सिंह,तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार शर्मा व पीएचईडी विभाग के द्वारा जलमीनार चालू करने का प्रयास किया, लेकिन विफल रहे. जिससे आज भी नगरवासियों को इसके लिये कसक है. जलमीनार की आधार शिला 1979 ई में रखी गयी.
कांग्रेस शासन काल में तत्कालीन नगर विकास मंत्री स्व रमेश झा ने बड़हिया में बिजली कार्यालय के समीप बड़ी धूमधाम से शिलान्यास किया. संवेदक द्वारा अर्द्ध निर्मित जलमीनार छोड़ कर चले गये. जलमीनार को 11 वर्षों तक संवेदक निर्माण करते रहे. इसी बीच राशि के अभाव में कार्य बंद कर दिया. जिससे अधूरा जलमीनार सफेद हाथी की तरह खड़ा है. नगर वासियों के द्वारा हंगामा व मांग पर उस समय के तकालीन विधायक स्व यदुवंश प्रसाद सिंह ने तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार शर्मा को घटना स्थल पर ले गये और अर्द्ध निर्मित जलमीनार को पूरा करने के लिये आवंटन दिलवाया.
राशि मिलने के बाद अर्द्धनिर्मित जलमीनार का दूसरे संवेदक द्वारा 1993 ई में जलमीनार का निर्माण कार्य पूरा किया गया. बोरिंग द्वारा जलमीनार में पानी जाने की भी व्यवस्था किया गया, परंतु कुछ दिनों के बाद बोरिंग के माध्यम से जलमीनार में पानी जाना बंद हो गया. पुन: मामला जस की तस बना रहा. जलमीनार सफेद हाथी बन पुन: खड़ा हो गया.
भूमिगत जलस्तर में तेजी से हो रही गिरावट के कारण जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड के बुधौली बनकर व उरैन तथा चानन प्रखंड के दर्जनों गांव में जलसंकट गहरा गया है. पेयजल के लिए लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं. इन इलाकों के कुआं सुखने लगे हैं. चापाकलों ने भी पानी देना बंद कर दिया है. पीएचईडी विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष अप्रैल माह में ही जलस्तर में रिकार्ड गिरावट हुई और यह पिछले वर्ष के अधिकतम गिरावट के रिकार्ड को लांघ गया.
लखीसराय :बढ़ते जलसंकट को देखते हुए रविवार को जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड के बुधौली बनकर व उरैन तथा चानन प्रखंड के दर्जनों प्रभावित गांव में पानी का टैंकर भेजकर जलापूर्ति का कार्य प्रारंभ किया गया. समाहरणालय परिसर में सूर्यगढ़ा विधायक प्रह्लाद यादव व जिलाधिकारी सुनील कुमार द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर बुधौली बनकर पंचायत के खैरा, चंपानगर, मंझीयावां व धबोखर तथा उरैन पंचायत के नवकाडीह, बसुहार,
आजाद नगर मुसहरी व उरैन में पानी टैंकर भेजकर जलापूर्ति की गयी. सहायक अभियंता पीएचइडी पवन कुमार ने बताया कि पहले दिन कुल 20 टैंकर पानी इन गांवों में उपलब्ध कराया गया. इधर पानी टैंकर पहुंचने पर जलसंकट झेल रहे उक्त गांव के लोगों में खुशी देखी गयी. टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए लोगों की कतार लग गयी और लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आये.

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