शहर की बड़ी आबादी चापाकल व कुएं के भरोसे

शहर में नहीं है पानी स्टोर करने की व्यवस्था शहर के कुछ भागों में ही होती है डीप बोरिंग से सीधी जलापूर्ति नप द्वारा प्रत्येक वार्ड में दो-दो डीप बोरिंग से कुछ घरों में होती है जलापूर्ति एक डीप बोरिंग से 10 से 15 घरों में होती है जलापूर्ति पिछले वित्तीय वर्ष में प्रत्येक वार्ड […]

शहर में नहीं है पानी स्टोर करने की व्यवस्था

शहर के कुछ भागों में ही होती है डीप बोरिंग से सीधी जलापूर्ति

नप द्वारा प्रत्येक वार्ड में दो-दो डीप बोरिंग से कुछ घरों में होती है जलापूर्ति

एक डीप बोरिंग से 10 से 15 घरों में होती है जलापूर्ति

पिछले वित्तीय वर्ष में प्रत्येक वार्ड में दो नया डीप बोरिंग कर जलापूर्ति का दायरा बढ़ाने पर हो रहा है कार्य

लखीसराय : शहर की एक बड़ी आबादी आज भी चापाकल और कुआं पर निर्भर है. शहर में पानी स्टोर की व्यवस्था नहीं है. एक लाख से अधिक आबादी वाले लखीसराय नप क्षेत्र में मात्र 20 फीसदी लोगों को ही भूमिगत पाइप द्वारा सीधी जलापूर्ति का लाभ मिल रहा है. शेष लगभग 80 फीसदी लोग निजी बोरिंग, चापाकल या कुआं पर निर्भर हैं. अप्रैल माह के प्रथम पखवाड़े में जिस तेजी से भूमिगत जल-स्तर में गिरावट हुई है ऐसे में शहर के कई इलाके में जल संकट गहराने की संभावना है.

शहर में नहीं है पानी स्टोर की व्यवस्था

शहर में फिलहाल पानी स्टोर की कोई व्यवस्था नहीं है. लखीसराय प्रखंड कार्यालय, वार्ड नं 06 कुंडा पोखर व लाली पहाड़ी-काली पहाड़ी के समीप जलमीनार अभी चालू नहीं है. कुंडा पोखर व प्रखंड कार्यालय के समीप जलमीनार निर्माण का कार्य पूरा होने के बावजूद इसे चालू नहीं किया जा सका है. वहीं 350.36824 लाख की प्राक्कलन राशि से काली पहाड़ी-लाली पहाड़ी में भूमि विवाद के नाम पर कार्य अवरूद्ध है. कुंडा पोखर व प्रखंड कार्यालय के समीप विद्युत कनेक्शन के लिए पीएचइडी विभाग में राशि जमा कर दी गयी है. कनेक्शन मिलते ही यहां जलमीनार चालू हो जाने की संभावना है.

20 फीसदी लोगों को लाभ

शहर के 17 हजार हाउस होल्ड में से लगभग दो हजार हाउस होल्ड को ही सीधी जलापूर्ति योजना का लाभ मिल पा रहा है. नप द्वारा कुल 33 वार्ड में 150 सबमरसिबल बोरिंग के द्वारा सीधी जलापूर्ति कर रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष की योजना से प्रत्येक वार्ड में दो-दो नये सबमरसिबल लगाने का कार्य प्रगति पर है. इसके पूरा होने से आठ सौ अतिरिक्त हाउस होल्ड को सीधी जलापूर्ति का लाभ मिलने का अनुमान है. इसके अलावे पुराना हॉस्पिटल से पीएचइडी द्वारा पुरानी बाजार इलाके में सीधी जलापूर्ति की जाती है. समाहरणालय परिसर के समीप गांधी मैदान में बने जलमीनार से नया बाजार के इलाके में बाजार समिति तक के इलाके में सीधी जलापूर्ति की व्यवस्था है.

कुछ वार्ड में नप करता है टैंकर से जलापूर्ति

गरमी के दिनों में वार्ड नंबर 33 सहित कुछ वार्ड में पेयजल की गंभीर संकट की स्थिति में नप द्वारा पानी का टैंकर भेज कर सीधी जलापूर्ति की जाती है. फिलहाल नप द्वारा वार्ड नंबर 33 में पानी की किल्लत को देखते हुए टैंकर भेज कर जलापूर्ति शुरू की जा रही है. नप कार्यपालक अभियंता संतोष रजक के मुताबिक नप के पास उपलब्ध दो पानी टैंकर को जरूरत के मुताबिक विभिन्न वार्ड में भेजा जाता है.

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