कोटपा को ले जिला प्रशासन उदासीन

लखीसराय : जिले में कोटपा कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जिला प्रशासन इसके लिये कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान व तंबाकू का सेवन व बिक्री करना दंडनीय अपराध माना गया है. इसके बावजूद जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में इसका खुलेआम उल्लंघन हो […]

लखीसराय : जिले में कोटपा कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जिला प्रशासन इसके लिये कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान व तंबाकू का सेवन व बिक्री करना दंडनीय अपराध माना गया है. इसके बावजूद जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में इसका खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. जबकि सरकार ने कोटपा अधिनियम के तहत कड़े दंड का प्रावधान किया है. कोटपा अधिनियम के तहत पहले बार पकड़े जाने पर जुर्माना व दूसरे बार पकड़े जाने पर जुर्माना व सजा दोनों का प्रावधान है.
वहीं इसके तहत तंबाकू या सिगरेट पर वैधानिक चेतावनी नहीं लिखे रहने पर 200 रुपये जुर्माना लेने का प्रावधाान किया गया है. जबकि नाबालिग या शिक्षण संस्थान परिसर के सौ गज के अंदर बिक्री करने पर भी दो सौ रुपये जुर्माना करने का प्रावधान है. जबकि इस कानून के तहत स्वास्थ्य चेतावनी के सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बिक्री करने पर पहली बार बनाने पर दो वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना जबकि दूसरी बार बनाने पर पांच वर्ष की सजा व दस हजार रुपये का जुर्माना तय की गयी है. जबकि प्रतिबंधित उत्पाद का खुदरा बिक्री करने पर पहले अपराध के लिये एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपये का जुर्माना, दूसरा अपराध करने पर दो वर्ष की सजा व अधिकतम तीन हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है.
क्या कहते हैं अधिकारी.
कोटपा के जिला नोडल पदाधिकारी जितेंद्र कुमार लाल की मानें तो कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान व तंबाकू का सेवन करने वाले व बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >