विपरीत परिस्थियों में संघर्ष कर उदय ने पायी सफलता फोटो संख्या:07-उदय को सफलता की बधाई देते चेंबर के अध्यक्ष रविशंकर सिंह अशोक , हाफीज जहांगीर अकरम व अन्य प्रतिनिधि, लखीसरायखुदी को कर बुलंद इतना,कि हर तकदीर के पहले.खुदा बंदे से खुद पुछे ,कि बता तेरी रजा क्या है. कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो इंसान विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सफलता का परचम लहराकर समाज के लिये एक मिशाल कायम करता है. उन्हीं में से एक है सूर्यगढ़ा प्रखंड के मौलानगर जामुनटोला निवासी स्व. महेंद्र ठाकुर का पुत्र उदय कुमार ठाकुर, जिसने आर्थिक विपन्नता की परवाह किये बगैर संघर्ष कर बीएड एक वर्षीय कोर्स की फाइनल परीक्षा में 85.5 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने महाविद्यालय में द्वितीय टॉपर बना. जब उदय पांच वर्ष का था तो उसके सर से पिता का साया उठ गया.विपरीत परिस्थितियों में भी उदय ने अपनी पढ़ाई जारी रखी.स्नातक के बाद उसने बीएड की पढ़ाई का निर्णय लिया.आर्थिक विपन्नता सामने आयी तो उदय की प्रतिभा को देखकर सूर्यगढ़ा चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष समाजसेवी रविशेकर सिंह अशोक के अलावे प्रो. हाफिज जहांगीर अकरम ने उसकी मदद के लिये हाथ बढ़ाये.बीएड में बेहतर परीक्षा परिणाम मिलने के बाद उदय अब कॉलेज में प्राध्यापक बनकर अर्थाभाव के कारण पढ़ाई से वंचित छात्रों की मदद करना चाहता है.इधर उदय की सफलता के बाद पढ़ाई में उसकी मदद कर रहे रविशंकर सिंह अशोक एवं प्रो. हाफिज जहांगाीर अकरम ने संयुक्त रूप से उदय को बधाई देते हुए बताया कि लगातार संघर्ष कर उदय ने यह सफलता पायी.पढ़ाई के लिए संघर्ष कर रहे बच्चों के लिए यह एक मिशाल है.
विपरीत परस्थियिों में संघर्ष कर उदय ने पायी सफलता
विपरीत परिस्थियों में संघर्ष कर उदय ने पायी सफलता फोटो संख्या:07-उदय को सफलता की बधाई देते चेंबर के अध्यक्ष रविशंकर सिंह अशोक , हाफीज जहांगीर अकरम व अन्य प्रतिनिधि, लखीसरायखुदी को कर बुलंद इतना,कि हर तकदीर के पहले.खुदा बंदे से खुद पुछे ,कि बता तेरी रजा क्या है. कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो […]
