मेदनीचौकी : प्रखंड के धनहर इलाके के किसान सरकारी दर पर धान की खरीदारी नहीं होने से परेशान हैं. रबी फसल की बुआई, पटवन, दवा छिड़काव व खाद छिड़काव में लगने वाले लागत के कारण अर्थाभाव में किसान अपना धान औने-पौने दामों में बेच रहे हैं. अभी किसान स्थानीय व्यापारियों के हाथों धान को महज 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने को मजबूर हैं.
दरअसल स्थानीय किसान धान बेच कर गेहूं व मकई की खेती करते हैं. किसानों को अपना अनाज तत्काल बेचने को मजबूर होना पड़ता है. वर्षों से सूर्यगढ़ा में अनाज क्रय केंद्र खोलने की मांग किसानों के द्वारा की जा रही है. स्थानीय किसान राम मनोहर सिंह, शत्रुघ्न सिंह, कैलाश सिंह, मनोज सिंह, रामानुज सिंह आदि ने धान क्रय विक्रय केंद्र खोलने की जरूरत बतायी है.
