न्यूनतम तापमान दो डिग्री ऊपर चढ़ा, लेकिन कनकनी बरकरार न्यूनतम तापमान-8 डिग्री सेल्सियसअधिकतम तापमान-22 डिग्री सेल्सियस फोटो संख्या:03-चिकित्सक डा एके सिंहफोटो संख्या:04-स्कूल जाते बच्चेप्रतिनिधि, लखीसरायबुधवार को पारा दो डिग्री ऊपर चढ़ने के बावजूद कनकनी बरकरार रहा. कड़ाके की ठंड के कारण लोग बीमार हो रहे हैं. अस्पतालों के अलावे निजी क्लिनिक में मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर लखीसराय की आवोहवा में भी पड़ने की वजह से पिछले दो दिनों में ठंड में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. सर्द हवा के कारण लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है. सुबह जो लोग सड़क या पार्क में घूमने निकले उन्हें उसी जगह खड़ा होने में अच्छा ले रहा था, जहां सीधी धूप आ रही थी. धूप से हटते ही कनकनी महसूस हो रही थी. हालांकि धूप निकलने के बाद तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है. पारा में गिरावट के बाद अगर धूप की गुनगुनाहट नहीं होती तो लोगों को दिन में भी अधिक सर्दी का एहसास होता. दिन में खिली धूप के कारण लोगों को फिलहाल राहत मिल रही है. मंगलवार को भी शाम से तापमान गिरावट आने लगा. देर रात के बाद से तापमान अपने न्यूनतम स्तर को पहुंचने लगा. सूर्योदय के पूर्व सुबह छह बजे तक पारा न्यूनतम स्तर आठ डिग्री तक पहुंच गया. लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही खिली धूप के साथ तापमान भी तेजी से बढ़ा, लेकिन शाम के तीन बजते ही सूर्य बादलों की ओट में छिप गया व कनकनी बढ़ने लगी. मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार-पांच दिनों तक ऐसे ही सुबह-शाम व रात ठिठुरेगी. सूर्य के डूबने से अगले दिन सूर्योदय तक ठिठुरन व सर्द हवा लोगों के शरीर में चुभन पैदा करती रहेगी. इधर तापमान में गिरावट की वजह से दिन भर लोग अपने को गरम कपड़ों से ढके रहे. सर्द हवा के थपेड़े खाकर स्कूल जा रहे मासूमइस कड़ाके की ठंड में बच्चों की सांसत काफी बढ़ गयी है. सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को सर्द हवाओं के थपेड़ों से जूझना पड़ रहा है. खासकर बस, ऑटो, रिक्शा सहित अन्य वाहनों से स्कूल जाने वाले बच्चे सर्द हवाओं से जूझते नजर आये. सुबह शीतलहर के कारण मुसीबत के बावजूद बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं. मौसम का यही आलम रहा व माॅर्निग शिफ्ट वाले स्कूलों के टाइम में बदलाव नहीं किया गया तो बच्चों के सेहत पर ठंड से बुरा प्रभाव पड़ेगा. अब तक नहीं हुई अलाव की व्यवस्थाकड़ाके की ठंड के बावजूद अब तक जिले भर में किसी भी स्तर से अलाव की व्यवस्था नहीं हो पायी है. गरीब परिवारों व फुटपाथ पर रात गुजारने वाले मेहनतकशों के लिये सर्द रात काफी कष्टदायक साबित हो रहा है. शाम ढलने के बाद से लोग टायर, कार्टून आदि जला कर सर्दी से बचने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. आपदा प्रबंधन के द्वारा भी अलाव के लिये राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी और न ही नगर परिषद द्वारा अब तक इस बाबत कोई ठोस निर्णय लिया गया. कुछ जगहों पर निजी स्तर से लोग लकड़ी की व्यवस्था कर अलाव जला रहे हैं.ठंड के कारण बीमार हो रहे बच्चेठंड के कारण बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं. चिकित्सक डा एके सिंह ने बताया कि ठंड में बच्चों में ज्यादा वाइरल बीमारी फैलती है. सबसे ज्यादा असर पेट और फेफड़े में होता है. पेट में ठंड लगने से बच्चे सर्दी, खांसी, दस्त, उल्टी, बुखार आदि से पीड़ित हो जाते हैं. इसी प्रकार फेफड़े में ठंड लगने से ब्रोनकोलाइटिस और निमोनिया से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं. चिकित्सक के अनुसार अचानक ठंड बढ़ जाने से खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखें. उन्हें हर समय गरम कपड़े पहनायें. उन्हें मां का दूध पिलाते रहें. ओआरएस घोल भी देते रहें. ठंड से बचाव के लिये बच्चों को गरम पानी का भाप भी समय-समय पर देते रहें. अगर बच्चों को सांस फूलने की शिकायत हो तो अविलंब चिकित्सक की सलाह लें.
न्यूनतम तापमान दो डग्रिी ऊपर चढ़ा, लेकिन कनकनी बरकरार
न्यूनतम तापमान दो डिग्री ऊपर चढ़ा, लेकिन कनकनी बरकरार न्यूनतम तापमान-8 डिग्री सेल्सियसअधिकतम तापमान-22 डिग्री सेल्सियस फोटो संख्या:03-चिकित्सक डा एके सिंहफोटो संख्या:04-स्कूल जाते बच्चेप्रतिनिधि, लखीसरायबुधवार को पारा दो डिग्री ऊपर चढ़ने के बावजूद कनकनी बरकरार रहा. कड़ाके की ठंड के कारण लोग बीमार हो रहे हैं. अस्पतालों के अलावे निजी क्लिनिक में मरीजों की संख्या […]
